Video: ससुर की हत्या के लिए 6 लाख की सुपारी, वारदात के समय 'धोखेबाज' गाने पर नाचती रही बहू; 27 कॉल से खुला राज

कानपुर में दवा व्यापारी की हत्या का खुलासा हुआ है, जिसमें बहु पर 6 लाख की सुपारी देकर ससुर की हत्या करवाने का आरोप है. पैसों की तंगी और पाबंदियों से तंग आकर उसने इस खौफनाक साजिश को अंजाम दिया.

कानपुर के कल्याणपुर स्थित रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट में हुए चर्चित दवा व्यापारी विनीत मनोचा (60) हत्याकांड में पुलिस ने खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक सुपारी देकर बहु ने अपने ससुर की हत्या करवा दी. सोशल मीडिया पर आरोपी महिला का एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसकी पुलिस जांच कर रही है.

ससुर की पाबंदियों, आर्थिक खींचतान और घर में लगी CCTV निगरानी से क्षुब्ध होकर आरोपी बहू ने इस साजिश को अंजाम दिया. पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है.

वित्तीय पाबंदियां और निगरानी बनी वजह

पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल के अनुसार, मृतक विनीत मनोचा अपने बेटे और बहू के वित्तीय मामलों तथा दैनिक गतिविधियों पर सख्त नजर रखते थे. घर में जगह-जगह CCTV कैमरे लगे थे. बेटे को दुकान में काम करने के एवज में 35 हजार रुपये महीना और बहू को निजी खर्च के लिए 10-12 हजार रुपये दिए जाते थे. लगातार निगरानी और आर्थिक तंगी के कारण आरोपी महिला परेशान चल रही थी.


ऐसे रची गई साजिश

  • 6 लाख की सुपारी: पुलिस के अनुसार, आरोपी महिला ने परिवार के पूर्व नौकर विशाल गौतम (30) को ससुर को रास्ते से हटाने के लिए 6 लाख रुपये की सुपारी दी.
  • दूसरी चाबी और कोडवर्ड: वारदात से कुछ दिन पहले 1,200 रुपये देकर फ्लैट की दूसरी चाबी बनवाई गई और विशाल को सौंपी गई. गार्ड को चकमा देने के लिए कहा गया कि 'शिवम' नाम का शख्स 'गजरा' देने आएगा, उसे आने दिया जाए.
  • कमरे में छिपा अभियुक्त: योजना के तहत 6 सितंबर की रात जब परिवार के अन्य सदस्य बाहर गए थे, तब अभियुक्त अपने साथी के साथ नकली चाबी से फ्लैट में दाखिल हुआ. रात में जब विनीत मनोचा घर लौटे, तो पहचान उजागर होने के डर से अभियुक्तों ने उन पर धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे उनकी मौत हो गई.

27 कॉल और पुलिस मुठभेड़ से खुलासा

वारदात के बाद पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान विशाल और उसके साथी को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में साजिश का पर्दाफाश हुआ. पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना वाले दिन आरोपी महिला और विशाल के बीच 27 बार बातचीत हुई थी.

पति की भूमिका की भी जांच

पुलिस उपायुक्त एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि मामले में आरोपी के पति की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है. यदि इस साजिश में उसकी संलिप्तता के प्रमाण मिलते हैं, तो नियमानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी.


ये भी पढ़ें: हापुड़ में दलित युवक की हत्या पर गरमाई सियासत, पुलिस ने रामजीलाल सुमन को रोका... अखिलेश का भाजपा पर हमला

प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >