कंझावला कांड : हादसे के वक्त शराब के नशे में थी अंजलि, विसरा रिपोर्ट से ये बात आयी सामने

यह बात सामने आयी है कि जिस वक्त अंजलि हादसे की शिकार हुई थी,उस वक्त वो शराब के नशे में थी. विसरा रिपोर्ट से ये बात आयी सामने.

Kanjhawala case Latest Updates : दिल्ली के कंझावला इलाके में 31 दिसंबर और एक जनवरी की दरम्यानी रात को कंझावला सड़क हादसे की खबर चर्चा में रही जिसमें अंजलि की मौत हो गयी थी. अब मामले को लेकर बड़ी जानकारी सामने आयी है. पुलिस को बाहरी दिल्ली के सुल्तानपुरी में एक कार से घसीटे जाने के बाद जान गंवाने वाली 20 वर्षीय युवती की विसरा जांच रिपोर्ट मिल गयी है जिससे कई बातें सामने आयी है.

जांच रिपोर्ट 24 जनवरी को मिली

कंझावला मामले को लेकर विशेष पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था तृतीय जोन) सागर प्रीत हुड्डा ने बताया कि रोहिणी स्थित फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) ने यह जांच की थी और जांच रिपोर्ट 24 जनवरी को मिली. उन्होंने बताया कि मामले की तफ्तीश के संबंध में यह जांच की गयी. दिल्ली पुलिस मुख्यालय के सूत्रों के हवाले से जो मीडिया में खबर चल रही है उसके अनुसार रिपोर्ट में यह बात सामने आयी है कि जिस वक्त अंजलि हादसे की शिकार हुई थी,उस वक्त वो शराब के नशे में थी.

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क्या है मामला

यहां चर्चा कर दें कि कंझावला में एक जनवरी की सुबह अंजलि सिंह (20) की स्कूटी को एक कार ने टक्कर मार दी थी और युवती को लगभग 12 किलोमीटर घसीटती हुई ले गयी थी. घटना में युवती की मौत हो गयी थी. इस मामले में अभी तक सात लोगों को गिरफ्तार किया गया है.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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