Kanjhawala Case: कंझावला मौत मामले में गृह मंत्रालय की बड़ी कार्रवाई, 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड, DCP भी तलब

कंझावला मौत मामले में गृह मंत्रालय ने बड़ी कार्रवाई की है और पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का निर्देश दिया है. सभी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का भी निर्देश मंत्रालय ने दिया है.

कंझावला मौत मामले में गृह मंत्रालय ने बड़ी कार्रवाई की है और पांच पुलिसकर्मियों को निलंबित करने का निर्देश दिया है. सभी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने का भी निर्देश मंत्रालय ने दिया है. पांच पुलिसकर्मियों में तीन पीसीआर और दो पुलिस पिकेट पर तैनात थे. यही नहीं गृह मंत्रालय ने जांच अधिकारी को भी तलब किया है और उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने का भी निर्देश दिल्ली पुलिस आयुक्त को दिया है.

दिल्ली पुलिस की रिपोर्ट के बाद गृह मंत्रालय ने की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने जो रिपोर्ट दी थी, उसी के आधार पर गृह मंत्रालय ने यह निर्देश दिल्ली पुलिस आयुक्त को दिया है. मंत्रालय अंजली की मौत मामले में जिस तरह से जांच आगे बढ़ रही है, उससे भी नाराजगी जतायी है और दिल्ली पुलिस आयुक्त को जांच अधिकारी के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी करने का भी सुझाव दिया है.

आरोपी आशुतोष भारद्वाज की जमानत अर्जी खारिज

दिल्ली की एक अदालत ने बृहस्पतिवार को कंझावला कांड में आरोपी आशुतोष भारद्वाज की जमानत अर्जी खारिज कर दी. कंझावला में 31 दिसंबर की देर रात को अंजली की स्कूटी को टक्कर मारे जाने के बाद उसे कार से 12 किलोमीटर तक घसीटा गया था और उसकी मृत्यु हो गयी थी.

कंझावला मौत मामले में पुलिस ने अबतक कुल सात लोगों को किया गिरफ्तार

पुलिस ने इस मामले में अबतक 7 लोगों को गिरफ्तार कर चुकी है. जिसमें दीपक खन्ना (26), अमित खन्ना (25), कृष्ण (27), मिथुन (26) और मनोज मित्तल को पहले गिरफ्तार किया था. बाद में दो और लोगों- आशुतोष व अंकुश खन्ना – को कथित तौर पर साक्ष्य छिपाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया. सभी आरोपियों को सोमवार को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया था.

पीड़ित के परिजनों की हत्या का मामला दर्ज करने की मांग, प्रदर्शन किया

कंझावला मामले की पीड़ित अंजलि सिंह के परिजनों ने सुलतानपुरी थाने के बाहर प्रदर्शन किया और आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की. प्रदर्शनकारियों का एक समूह सुलतानपुरी थाने के बाहर धरने पर बैठा और मांग की कि मामले में भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 302 (हत्या) के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाए. सिंह के रिश्तेदारों ने इससे पहले भी थाने के बाहर प्रदर्शन किया था और आरोपियों के लिए मृत्युदंड की मांग की थी. इधर दिल्ली में बड़ी संख्या में लोगों ने हाथ में तख्ती लेकर विरोध प्रदर्शन किया.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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