जेएनयू के हॉस्टल की छत से टपक रहा बारिश का पानी, टूटी दीवारों की तस्वीरें वायरल, कुलपति का सामने आया बयान

छात्रावास की टपकती छतों और गलियारों में जलभराव की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की कुलपति शांतिश्री डी पंडित ने कहा कि छात्रावास तथा पुस्तकालयों की मरम्मत का काम तेज कर दिया गया है. उन्होंने आगे बताया कि अगले साल मार्च तक मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा.

दिल्ली में हो रही भारी बारिश के बाद जवाहर नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) से कुछ हैरान करने वाली तस्वीरें सामने आयी, जिसमें हॉस्टल की छत से टपकता पानी और टूटी दीवारें साफ नजर आ रही हैं. बारिश में जेएनयू की खस्ताहाल तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं. इधर तस्वीरें वायरल होने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसपर संज्ञान लिया और बताया कि इस दिशा में तेजी से काम शुरू कर दिया गया है. जेएनयू के कुलपति का भी इसमें बयान आ चुका है और उन्होंने बताया कि हॉस्टल की छत और टूटी दीवारों की मरम्मत का काम तेजी से जारी है.

कुलपति ने बताया अगले साल मार्च तक मरम्मत का काम हो जाएगा पूरा

छात्रावास की टपकती छतों और गलियारों में जलभराव की तस्वीरें सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय की कुलपति शांतिश्री डी पंडित ने कहा कि छात्रावास तथा पुस्तकालयों की मरम्मत का काम तेज कर दिया गया है. उन्होंने आगे बताया कि अगले साल मार्च तक मरम्मत का काम पूरा कर लिया जाएगा.

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यूजीसी से मरम्मत के लिए मिली पहली किस्त

जेएनयू की कुलपति शांतिश्री डी पंडित ने बताया, विश्वविद्यालय को बुनियादी ढांचे की मरम्मत के लिए यूजीसी से निधि की मांग की गयी थी, जिसके बाद पहली किस्त मिल गयी है. उन्होंने बताया कि पहली किस्त के तौर पर फिलहाल यूजीसी से 14 करोड़ रुपये मिले हैं. यूजीसी ने जेएनयू को मरम्मत कार्य के लिए 28 करोड़ रुपये आवंटित किये हैं. जेएनयू ने बताया कि मरम्मत कार्य को देखने के लिए एक समिति का गठन किया गया है. समिति के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में बताया गया कि तत्काल मरम्मत का काम एक महीने के भीतर पूरा किया जाएगा.

छात्रों ने सोशल मीडिया में वीडियो शेयर कर जेएनयू का हाल बताया

बारिश में जेएनयू की खराब हालत की खबर तब सामने आयी, जब हॉस्टल की छात्राओं ने जलभराव और टपकते छत का वीडियो सोशल मीडिया में शेयर किया. पीएचडी की एक छात्रा ने बताया कि गोदावरी छात्रावास में बारिश का पानी भर गया है. सीलिंग से पानी टपक रहा है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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