Jan Dhan Yojana: जनधन खातों की संख्या 50 करोड़ पार, PM मोदी ने बताया मील का पत्थर, जानें कैसे खुलते हैं अकाउंट

PM Jan Dhan Schemes: पीएम मोदी ने जनधन खातों की संख्या 50 करोड़ के पार पहुंचने पर खुशी जाहिर करते हुए इसे मील का पत्थर कहा है. पीएम मोदी ने इसे बड़ी उपलब्धि करार देते हुए इसकी जमकर सराहना की है. उन्होंने ,कहा कि इन खातों में आधे से ज्यादा महिलाओं के खाते शामिल है.

PM Jan Dhan Schemes: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को जनधन खातों की संख्या 50 करोड़ के पार पहुंचने को एक अहम मील का पत्थर कहा है. पीएम मोदी ने इसे एक बड़ी उपलब्धि करार देते हुए इसकी जमकर सराहना की है. उन्होंने ,कहा कि इन खातों में आधे से ज्यादा महिलाओं के खाते शामिल है. पीएम मोदी ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है. यह देखकर खुशी होती है कि इनमें से आधे से अधिक खाते हमारी नारी शक्ति के हैं.

67 फीसदी खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले जाने के साथ, हम यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि वित्तीय समावेशन का लाभ हमारे देश के हर कोने तक पहुंचे. बेंगलुरु में जी 20 डिजिटल अर्थव्यवस्था कार्यकारी मंत्री समूह की बैठक को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए एक सुरक्षित और समावेशी समाधान पेश कर रहा है.

पीएम मोदी ने कहा कि भारत समाधानों के लिए एक आदर्श परीक्षण प्रयोगशाला है, साथ ही उन्होंने कहा कि जो उपाय देश में सफल साबित होते हैं उन्हें कहीं भी आसानी से लागू किया जा सकता है. बेंगलुरु में जी 20 डिजिटल अर्थव्यवस्था कार्यकारी मंत्री समूह की बैठक को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत का डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए एक सुरक्षित और समावेशी समाधान पेश करता है. पीएम मोदी ने कहा कि भारत एक विविधतापूर्ण देश है. हमारी दर्जनों भाषाएं और सैकड़ों बोलियां हैं. यहां दुनिया के सभी धर्मों के लोग रहते हैं और असंख्य सांस्कृतिक प्रथाओं का पालन होता है. भारत में प्राचीन परंपराओं से लेकर आधुनिक तकनीक तक, हर किसी के लिए कुछ न कुछ है.

जी 20 उच्च स्तरीय सिद्धांतों पर सर्वसम्मति बनाने की जरूरत पर जोर

प्रधानमंत्री ने बैठक में मौजूद प्रतिनिधियों से कहा कि भारत दुनिया के साथ अपने अनुभव साझा करने के लिए तैयार है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कोई पीछे नहीं छूटे यह सुनिश्चित करने के लिए देश ने ऑनलाइन एकीकृत डिजिटल बुनियादी ढांचा इंडिया स्टैक्स बनाया है. उन्होंने डिजिटल अर्थव्यवस्था के बढ़ने के साथ ही इसके समक्ष पेश आने वाली सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के प्रति जी 20 प्रतिनिधियों को आगाह करते हुए सुरक्षित, विश्वसनीय और लचीली डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए जी 20 उच्च स्तरीय सिद्धांतों” पर सर्वसम्मति बनाने की जरूरत पर जोर दिया.

Also Read: Chandrayaan-3: चांद के और करीब चंद्रयान-3, दूसरी डिबूस्टिंग कल, ISRO ने कहा- स्पीड कम करना अगली चुनौती

गौरतलब है कि जनधन योजना गरीब भारतीयों के जीवन स्तर को ऊपर उठाने के लिए केंद्र सरकार की एक महत्वाकांक्षी योजना है. जनधन योजना को लेकर खुद पीएम मोदी ने कहा है कि  योजना को भारत के लिए अच्छी पहल है. उन्होंने कहा कि इस पहल से ना सिर्फ भारत के विकास को गति मिली है. बल्कि इस योजना ने कई मायनों में देश की तस्वीर बदली है. इसने कितने लोगों के वित्तीय संकट को हल किया है. उन्हें सम्मान का जीवन दिया है. पीएम ने कहा कि यह एक ऐसी है पहल जिसने भारत के विकास की गति को हमेशा के लिए बदल दिया है.

  • आंकड़ों पर डालते हैं एक नजर

  • पीएमजेडीवाई खातों की संख्या मार्च 2015 में 14.72 करोड़ से तीन गुना बढ़कर 18 अगस्त 2021 तक 43.04 करोड़ हो गई है.

  • वहीं, 2023 के अगस्त तक इसके अकाउंट्स की संख्या बढ़कर 50 करोड़ के पार चली गई है.

  • 50 फीसदी से ज्यादा खाताधारक महिलाएं हैं. 67 फीसदी जन-धन खाते ग्रामीण और अर्द्ध-शहरी इलाकों में हैं.

  • सस्ती कीमत पर वित्तीय उत्पादों और सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करना

  • लागत कम करने और पहुंच बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग

जनधन योजना का क्या है मकसद

  • बैंकिंग सेवा से अछूते रहे लोगों को बैंकिंग सेवा से जोड़ना

  • असुरक्षित लोगों को सुरक्षित बनाना

  • गैर-वित्त पोषित लोगों का वित्त पोषण

कैसे खोल सकते हैं खाता
प्रधानमंत्री जनधन योजना के तहत सरकारी और प्राइवेट बैंकों में खाता खोल सकते हैं. भारत में रहने वाला कोई भी नागरिक जिसकी उम्र 10 साल से ऊपर है इसमें खाता खुलवा सकता है. खाता खुलवाने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी कार्ड, पासपोर्ट, मनरेगा जॉब कार्ड बतौर दस्तावेज दे सकते हैं. जनधन के तहत खाते खोलने पर सस्ता बीमा, पेंशन एवं अन्य वित्तीय उत्पाद की सुविधा मिलती है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >