‘मुझे फिर से हिरासत में रखा गया,घर के बाहर निकलने से रोक रही है पुलिस’, महबूबा मुफ्ती का आरोप

क्या जम्मू-कश्मीर (jammu Kashmir ddc election ) की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती (mehbooba mufti , house arrest )को फिर हिरासत में लिया गया है. दरअसल खुद महबूबा ने एक बार स्थानीय प्रशासन पर हिरासत में लेने का आरोप लगाया है.

क्या जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती को फिर हिरासत (jammu Kashmir, ddc election ) में लिया गया है. दरअसल खुद महबूबा ने एक बार स्थानीय प्रशासन पर हिरासत (mehbooba mufti , house arrest) में लेने का आरोप लगाया है. उन्होंने शुक्रवार को ट्वीट किया और कहा कि मेरे साथ मेरी बेटी इल्तिजा को भी हाउस अरेस्ट कर दिया गया है, क्योंकि वह वहीद के परिवार से मिलना चाह रही थी. बताया जा रहा है कि मामले को लेकर महबूबा 3 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी.

महबूबा मुफ्ती ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि दो दिनों से मुझे फिर से अवैध रूप से हिरासत में लिया गया है. जम्मू और कश्मीर प्रशासन मुझे यात्रा करने की अनुमति प्रदान नहीं कर रहा है. मैं वहीद के परिवार से मिलने पुलवामा जा रही थीं. भाजपा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा के नेरताओं और मंत्रियों को कश्मीर के हर कोने में घूमने की अनुमति है, लेकिन केवल मेरे मामले में सुरक्षा की समस्या पैदा हो जाती है.

Also Read: India China Tension : भारत और चीन के बीच होगा युद्ध ? जीरो से भी नीचे तापमान लेकिन डटे हैं भारत के जवान

आगे महबूबा मुफ्ती ने कहा कि उनकी क्रूरता की कोई सीमा नहीं… वहीद को आधारहीन आरोपों में गिरफ्तार किया गया था और मुझे उसके परिवार को सांत्वना देने की भी अनुमति नहीं दी जा रही है. यहां तक कि मेरी बेटी इल्तिजा को भी घर में नजरबंद करने का काम किया गया है, क्योंकि वह भी वहीद के परिवार से मिलना चाहती थी.

Also Read: Uddhav Thackeray vs Modi Govt : सुशांत सिंह राजपूत मौत मामले को लेकर उद्धव ठाकरे ने कही ये बात

केंद्र सरकार को संविधान दिवस मनाते देखकर हंसी आ रही है : इससे पहले पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने संविधान दिवस के मौके पर गुरुवार को कटाक्ष करते हुए केंद्र सरकार पर हमला किया. उन्होंने कहा कि यह दिवस मनाते देखकर हंसी आ रही है क्योंकि संविधान को पहले ही ‘‘भाजपा के विभाजनकारी एजेंडा’ से बदल दिया गया है. जम्मू कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि संशोधित नागरिकता कानून या ‘‘लव जिहाद कानून” संविधान द्वारा प्रदत्त मौलिक अधिकारों का ‘‘अपमान” है.

Posted By : Amitabh Kumar

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >