Jammu And Kashmir: कश्मीर के तीन जिले आतंकवाद मुक्त, 2022 में 119 मॉड्यूल का भंडाफोड़

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, कश्मीर क्षेत्र विजय कुमार सिंह ने बताया कि कश्मीर में तीन जिले पूरी तरह से आतंकवाद मुक्त हो गये हैं. उन्होंने बताया, बांदीपोरा, कुपवाड़ा और गांदरबल के तीन जिले आतंकवाद मुक्त हो गये हैं. कश्मीर में अब 81 आतंकवादी बच गये हैं.

जम्मू कश्मीर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) दिलबाग सिंह ने बताया कि घाटी में आतंकवादियों की संख्या 100 से नीचे आ गई है. साथ ही सुरक्षा की स्थिति पहले से बेहतर हुई है. डीजीपी ने बताया कि सुरक्षा बल सराहनीय कार्य कर रहे हैं और इसी वजह से जमीनी स्तर पर बेहतर परिणाम सामने आए हैं.

कश्मीर में तीन जिले आतंकवाद मुक्त

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, कश्मीर क्षेत्र विजय कुमार सिंह ने बताया कि कश्मीर में तीन जिले पूरी तरह से आतंकवाद मुक्त हो गये हैं. उन्होंने बताया, बांदीपोरा, कुपवाड़ा और गांदरबल के तीन जिले आतंकवाद मुक्त हो गये हैं. कश्मीर में अब 81 आतंकवादी बच गये हैं. जिसमें 29 स्थानीय और 52 विदेशी मूल (पाकिस्तान) के हैं. उन्होंने बताया, भविष्य में सक्रिय, विदेशी और हाइब्रीड उग्रवाद के आंकड़े को 50 से कम करने के लिए काम कर रहे हैं.

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अगले दो साल में कश्मीर से आतंकवाद का होगा सफाया

एडीजीपी ने कहा, अगले दो साल में कश्मीर से आतंकवाद का पूरी तरह से सफाया हो जाएगा. हाल के दिनों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई से लश्कर और जैश के आतंकी संगठन पूरी तरह से नेतृत्वहीन हैं. उन्होंने बताया, कश्मीर में 15 से 18 की संख्या में सक्रिय हाइब्रिड आतंकवादी हैं. जिसमें अधिकतर दक्षिण कश्मीर के पुलवामा, शोपियां, कुलगाम और अनंतनाग इलाके में हैं.

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2022 में 119 मॉड्यूल का भंडाफोड़

एडीजीपी ने बताया, साल 2022 में अबतक कुल 119 मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया. एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि करीब दो साल पहले कश्मीर में 80 शीर्ष कमांडर सक्रिय थे. अब केवल ती रह गये हैं.

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By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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