'जनता कर्फ्यू' से पहले जामिया के छात्रों ने CAA के खिलाफ अस्थायी तौर पर धरना किया स्थगित

Coronavirus के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देशवासियों से रविवार सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक जनता कर्फ्यू लगाने की अपील की थी.

नयी दिल्ली : कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को देखते हुए जामिया मिल्लिया इस्लामिया के छात्रों ने रविवार को सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक लगने वाला जनता कर्फ्यू से पहले शनिवार को संशोधित नागरिकता अधिनियम (सीएए) के खिलाफ अपने धरने को स्थगित कर दिया. जामिया के वर्तमान छात्रों और पूर्व छात्रों के समूह जामिया समन्वय समिति ने इसकी घोषणा की. 15 दिसंबर को परिसर में पुलिस की बर्बरता के बाद इस समूह का गठन किया गया था.

बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीते गुरुवार को देश में कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए रविवार की सुबह सात बजे से रात नौ बजे तक जनता कर्फ्यू लगाने की मांग की है. उन्होंने देशवासियों से कोरोना वायरस को हराने के लिए रविवार को घर से बाहर नहीं निकलने की अपील की है और कहा है कि लोग इस बात का संकल्प लें कि वे एक-दूसरे के संपर्क में नहीं आएंगे.

इसके साथ ही, उन्होंने कोरोना वायरस से संक्रमित लोगों के इलाज में लगे चिकित्साकर्मियों, संक्रमित लोगों का हाल जानने में लगे मीडियाकर्मियों, सफाईकर्मियों और आवश्यक सेवाओं में जुड़े लोगों को धन्यवाद करने के लिए रविवार की शाम पांच बजे से पांच मिनट तक थाली बजाने, ताली बजाने, वाद्ययंत्र बजाने, घंटी बजाने की भी अपील की है, ताकि आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों का उत्साहवर्धन किया जा सके.

शनिवार को जामिया समन्वय समिति ने कहा कि हम जामिया मिल्लिया इस्लामिया (जेएमआई) के प्रवेश द्वार संख्या सात पर 24 घंटे चल रहे अपने धरने को अस्थायी रूप से स्थगित कर रहे हैं. सभी प्रदर्शनकारियों से अपील करते हैं कि वे इस स्थिति को पूरी गंभीरता से लें. साथ ही, वे खुद को और दूसरों को कोरोना वायरस के इस घातक संक्रमण से बचाएं.

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By KumarVishwat Sen

कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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