Jallikattu: तमिलनाडु में जल्लीकट्टू के दौरान दो लोगों की मौत, 75 घायल, मुख्यमंत्री ने की मुआवजे की घोषणा

मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने मौतों पर शोक व्यक्त करते हुए सांड को काबू करने के दौरान मारे गए पलामेडु (मदुरै) निवासी अरविंद राज और पुडुकोट्टाई जिले में जल्लीकट्टू का आयोजन देखने के दौरान सांड के हमले में मारे गए एम अरविंद के परिजनों को तीन-तीन लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है.

तमिलनाडु में जल्लीकट्टू के अलग-अलग आयोजनों में अबतक दो लोगों की मौत हो गई. जबकि इस आयोजन में 75 लोग घायल हो गये. हालांकि, इन मौतों और लोगों के घायल होने की घटनाओं के बावजूद जल्लीकट्टू के प्रति उत्साह कम नहीं ही हुआ है और प्रतिभागी हर बार छोड़े गए सांडों को काबू करने की कोशिश करते रहे.

मुख्यमंत्री ने की मुआवजे की घोषणा

मुख्यमंत्री एम के स्टालिन ने मौतों पर शोक व्यक्त करते हुए सांड को काबू करने के दौरान मारे गए पलामेडु (मदुरै) निवासी अरविंद राज और पुडुकोट्टाई जिले में जल्लीकट्टू का आयोजन देखने के दौरान सांड के हमले में मारे गए एम अरविंद के परिजनों को तीन-तीन लाख रुपये की आर्थिक मदद देने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ने कहा, मैं मृतकों के परिवार और मित्रों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं. मैंने दोनों मृतकों के परिजनों को मुख्यमंत्री राहत कोष से तीन-तीन लाख रुपये देने का आदेश दिया है. सांडों को काबू में करने के खेल जल्लीकट्टू के दौरान जिले के अवनियापुरम में सांडों को काबू करने वाले और उनके मालिक सहित कम से कम 75 लोग घायल हुए हैं जबकि पलामेडु में 34 और अन्य लोग घायल हुए हैं.

मृतक अरविंद राज को सांडों को काबू में करने का जुनून था

पलामेडु में पेशे से निर्माण मजदूर अरविंद राज (26) को सांडों को काबू में करने का जुनून था और उसने नौ सांडों को काबू में कर भी लिया था, लेकिन जल्लीकट्टू के दौरान एक सांड के हमले में वह घायल हो गया जिससे उसकी मौत हो गई. घायल होने के बाद अरविंद के पेट से खून निकल रहा था, इसके बावजूद उसने मैदान के अवरोधक पर अपने पैरों पर खड़ा होने की कोशिश की ताकि सांड को काबू में किया जा सके लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था.

Also Read: ये हैं तमिलनाडु के फेमस Island, डालें एक नजर

तमिलनाडु के खेल मंत्री ने मदुरै के अलंगनल्लूर में जल्लीकट्टू कार्यक्रम का किया उद्घाटन

तमिलनाडु के खेल मंत्री उधयनिधि स्टालिन ने मदुरै के अलंगनल्लूर में ‘जल्लीकट्टू’ कार्यक्रम को झंडी दिखाकर रवाना किया.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials) अरबिंद शैक्षणिक रूप से भी पत्रकारिता और क्षेत्रीय विषयों के गहरे जानकार हैं:

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >