राजस्‍थान के रेगिस्तान में करिश्मा, धरती फाड़ कर निकलने लगा पानी और गैस

Jaisalmer : जैसलमेर में ट्यूवेल के लिए खुदाई के दौरान जमीन धंस गई. इसके बाद आसपास के इलाके को खाली कराया गया. जमीन से पानी निकलने लगा जिससे लोग हैरान हो गए. कुछ गैस जैसी चीज भी यहां से निकलने लगी.

Jaisalmer : जैसलमेर की एक घटना पूरे देश में चर्चा का विषय बनी हुई है. नहरी क्षेत्र मोहनगढ़ में शनिवार को एक ट्यूबवेल की खुदाई के दौरान अचानक जमीन धंस गई. बोरवेल मशीन गड्ढे में धंस गई और जमीन से पानी निकलने लगा. पानी के साथ गैस और कीचड़ भी आने लगा जिससे लोग डर गए. यह देखकर ट्यूबवेल की खुदाई करने वाले जहां अचंभित रह गए, वहीं ग्रामीण दहशत में आ गये. पानी के दबाव के कारण वहां पर एक बड़ा गड्ढा बन गया. इसमें बोरवेल मशीन गिर गई.

ग्रामीणों ने इसकी सूचना आनन-फानन में पुलिस, प्रशासन और भूजल विभाग को दी. इसके बाद अधिकारी मौके पर पहुंचे. एक अधिकारी ने बताया कि घटना शनिवार को चक 27 बीडी के तीन जोरा माइनर के पास विक्रम सिंह के खेत में हुई. यहां एक ट्यूबवेल की खुदाई चल रही थी. करीब 850 फुट खुदाई के बाद अचानक तेज प्रेशर के साथ पानी निकलने लगा. पानी की धारा जमीन से 4 फुट ऊपर तक उठने लगी. पानी के प्रेशर बहुत ही ज्यादा था. इस वजह से एक बड़ा गड्ढा बन गया.

मोहनगढ़ के उप तहसीलदार ललित चारण ने भी मामले को लेकर जानकारी दी. उन्होंने कहा कि ओएनजीसी के अधिकारी मौके पर पहुंचे. वहां जांच की. बोरवेल से निकलने वाली गैस को सामान्य बताया गया है. गैस न तो जहरीली है और न ही ज्वलनशील है, इसलिए घबराने की कोई बात नहीं है. उन्होंने कहा कि अब पानी रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं. देखें वीडियो

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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