Strait of Hormuz: पर्शियन गल्फ क्षेत्र में बढ़ते तनाव और समुद्री सुरक्षा की चिंताओं के बीच भारत के लिए ईरान की ओर से राहत भरी खबर है. ईरान के राजदूत मोहम्मद फतहाली ने संकेत दिए हैं कि भारत को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सुरक्षित रास्ता मिल सकता है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है. मीडिया से बातचीत में राजदूत ने कहा कि भारत ईरान का मित्र है, और इसी कारण भारतीय जहाजों के लिए इस समुद्री मार्ग से गुजरने का सुरक्षित रास्ता मिल सकता है. ईरान की ओर से यह बयान ऐसे समय में आया है अमेरिका-इजराइल और ईरान की जंग के कारण समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है.
हकीम इलाही ने कहा- ईरान ने बंद नहीं किया है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद नहीं हुआ है. वर्तमान परिस्थितियों के कारण जहाज वहां से गुजर नहीं पा रहे हैं. उन्होंने कहा कि ईरान कभी नहीं चाहता था कि यह जलडमरूमध्य बंद हो. उन्होंने कहा कि कुछ जहाज अभी भी वहीं से गुजर रहे हैं.
विश्व के नेता डाले अमेरिका पर युद्ध रोकने का दबाव- इलाही
अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने यह भी कहा कि इस युद्ध की शुरुआत करने वालों को ही इसे रोकना होगा. इस युद्ध के कारण दुनिया भर में कई लोग पीड़ित हैं. विश्व नेताओं को एकजुट होकर अमेरिकी राष्ट्रपति पर दबाव डालना चाहिए और उनसे इस अन्यायपूर्ण युद्ध को तुरंत रोकने का आग्रह करना चाहिए.
क्यों खास है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में से एक है. यहां से वैश्विक तेल और गैस की बड़ी मात्रा गुजरती है. ऐसे में अगर यह रूट किसी कारण अवरुद्ध होता है तो इसका सीधा असर ऊर्जा बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ता है. भारत भी इसी रास्ते से अपने कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा खरीदता है.
