International Trade Fair:  विकसित बिहार@2047 थीम के अनुरूप है बिहार पवेलियन

बिहार मंडप के एक दीवार पर थ्रीडी पेंटिंग में आधुनिक नालंदा विश्वविद्यालय को दर्शाया गया है. वहीं दूसरी तरफ बुद्ध ब्रिज को दिखाया गया है. अन्य दीवारों को मिथिला पेंटिंग, मंजूषा पेंटिंग एवं टिकुली आर्ट से सजाया जा रहा है. इन पेंटिंग के बीच बने विभिन्न सर्कल में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के विकास को दर्शाया गया है.

International Trade Fair: दिल्ली के प्रगति मैदान में 14 से 27 नवम्बर तक चलने वाले अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में गुरुवार को बिहार सरकार के हथकरघा एवं रेशम उत्पादन विभाग के निदेशक निखिल धनराज निपाणीकर ने दीप जलाकर बिहार पवेलियन का शुभारंभ किया. इस अवसर पर बिहार सरकार के बिहार संग्रहालय के निदेशक अशोक कुमार सिन्हा सहित उद्योग मित्र, बिहार खादी एवं उद्योग विभाग के अन्य अधिकारी मौजूद थे. 

बिहार मंडप को इस बार इंडिया ट्रेड प्रमोशन ऑर्गेनाइजेशन(आईटीपीओ) द्वारा इस वर्ष मेले की थीम विकसित भारत@2047 के अनुरूप विकसित बिहार@2047 थीम के साथ नायाब रूप दिया गया है. अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में इस वर्ष प्रगति मैदान के हाल नं 2 में पार्टनर स्टेट के रूप्  में बिहार मंडप लगाया गया है. वहीं बिहार पवेलियन में 75 स्टाल  के माध्यम से बिहार के नायाब हैंडलूम एंड हैंडीक्राफ्ट एवं  बिहार खादी उत्पादों का प्रदर्शन-सह बिक्री जारी है.

हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट तथा खादी के 75  स्टॉल लगाए गए 


बिहार सरकार के उद्योग विभाग द्वारा बिहार पवेलियन का क्रियान्वयन एजेंसी के रुप में  उद्योग मित्र विभाग को बिहार पवेलियन के आयोजन एवं सजाने संवारने की जिम्मेवारी दी गई है. वहीं बिहार पवेलियन का  क्रियान्वयन निदेशक ( नोडल डायरेक्टर) निखिल धनराज निपाणीकर निदेशक हथकरघा एवं रेशम उत्पादन, उद्योग विभाग, बिहार सरकार को बनाया गया है. बिहार पवेलियन के क्रियान्वयन निदेशक निखिल  धनराज  निपाणीकर ने बताया कि इस बार बिहार पवेलियन में हैंडलूम एवं हैंडीक्राफ्ट तथा खादी के 75  स्टॉल लगाए गए हैं. इन स्टॉलों पर बिहार के पारंपरिक हस्तकलाओं एवं हस्तकरघा उत्पाद जिसमें नालंदा का बावन बूटी, भागलपुर का सिल्क, मिथिलांचल का मधुबनी पेंटिंग, पटना की टीकुली कला इत्यादि को स्थान दिया जाएगा. इसके अलावा बिहार खादी के उत्पाद होंगे.

 मंडप के मुख्य द्वार को सभ्यता द्वार का रूप दिया गया


निखिल धनराज  ने बताया कि बिहार पवेलियन को प्रत्येक वर्ष मेले के थीम के अनुरूप नायाब डिजाइन एवं रूपरेखा से सजाया जाता है. इस वर्ष बिहार मंडप के मुख्य द्वार को सभ्यता द्वार का रूप दिया गया है. जिसके ऊपर  विकसित बिहार@2047 का आकर्षक लोगो बनाया गया है. राइजिंग सन के रूप में दिखाए गए राइजिंग बिहार के पांच प्रमुख विभाग आर्ट एंड कल्चर, उद्योग, टूरिज्म ट्रैवल एंड स्पिरिचुअलिटी, यूथ एंड स्पोर्ट्स एवं वूमेन एंपावरमेंट को लोगो में दिखाया गया है. बिहार मंडप के सेन्ट्रल हॉल में बना बिहार संग्रहालय लोगों को आकर्षित कर रहा है.

पवेलियन में पद्मश्री कलाकारों द्वारा मधुबनी पेंटिंग, टेराकोटा कला, सिक्की कला आदि का हो रहा है जीवंत प्रदर्शन. बिहार मंडप के एक दीवार पर थ्रीडी पेंटिंग में आधुनिक नालंदा विश्वविद्यालय को दर्शाया गया है. वहीं दूसरी तरफ बुद्ध ब्रिज को दिखाया गया है. बिहार पवेलियन के अन्य दीवारों को मिथिला पेंटिंग, मंजूषा पेंटिंग एवं टिकुली आर्ट के बिहार के जाने माने कलाकारों द्वारा सजाया जा रहा है. इन पेंटिंग के बीच बने विभिन्न सर्कल में बिहार सरकार के विभिन्न विभागों के विकास को दर्शाया गया है.

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