International Day of Yoga:  विशाखापत्तनम में ऐतिहासिक योग सत्र में भाग लेंगे पीएम

योग केवल आसन और श्वास का अभ्यास नहीं है, यह जीवन जीने का एक तरीका है.सरकार का लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 को एक ऐतिहासिक आयोजन बनाना है, जो लाखों लोगों को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित करे और एक स्वस्थ, खुशहाल और अधिक सामंजस्यपूर्ण समाज बनाने में मदद करे.

International Day of Yoga: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 केवल एक स्मरणोत्सव नहीं है. यह हमारे प्रयासों को बढ़ाने और समाज के सभी वर्गों तक योग की पहुँच को बढ़ाने का एक सामूहिक आह्वान है. ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग’ थीम भारत की जी 20 अध्यक्षता के दौरान प्रस्तुत वैश्विक स्वास्थ्य दृष्टिकोण के अनुरूप है और ‘सर्वे संतु निरामया’ के भारतीय सभ्यतागत लोकाचार को दर्शाता है, जिसका अर्थ है,  “सभी रोग मुक्त हों.आयुष मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री प्रतापराव जाधव ने योग दिवस की औपचारिक शुरूआत करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा कि  21 जून 2025 को राष्ट्रीय कार्यक्रम आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम में होगा, जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच लाख से अधिक प्रतिभागियों के साथ कॉमन योग प्रोटोकॉल (CYP) सत्र का नेतृत्व करेंगे. 

एक लाख से अधिक स्थानों पर योग संगम सत्र होंगे आयोजित

इसके साथ ही, देश भर में एक लाख से अधिक स्थानों पर ‘योग संगम’ सत्र आयोजित किए जायेंगे. जो इसे इतिहास के सबसे बड़े समन्वित योग प्रदर्शनों में से एक बना देगा. उन्होंने आंध्र प्रदेश सरकार और उसके मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के “योगआंध्र” अभियान को शुरू करने के लिए महत्वपूर्ण योगदान की भी सराहना की, जो पूरे राज्य में 10 लाख नियमित योगाभ्यासियों का समुदाय तैयार करने की एक महत्वाकांक्षी पहल है. आयुष मंत्री प्रतापराव जाधव ने पिछले एक दशक में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (आईडीवाई) की उल्लेखनीय यात्रा पर विस्तार से बताते हुए कहा कि “जब संयुक्त राष्ट्र महासभा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी आह्वान के बाद 2014 में 21 जून को अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के रूप में अपनाया था, तो इसने भारत के पारंपरिक ज्ञान में निहित वैश्विक कल्याण आंदोलन की शुरुआत की.”  उन्होंने इस बात पर प्रकाश डाला कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 में 100 दिनों तक चलने वाले दस सिग्नेचर इवेंट होंगे, जिन्हें समाज के विभिन्न वर्गों के साथ तालमेल बिठाने और योग को जीवन के एक समग्र तरीके के रूप में बढ़ावा देने के लिए डिज़ाइन किया गया है. 

 जीवन जीने का तरीका है योग 

जाधव ने कहा, “योग केवल आसन और श्वास का अभ्यास नहीं है, यह जीवन जीने का एक तरीका है. एक वैश्विक कल्याण आंदोलन है. सरकार का लक्ष्य अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 को एक ऐतिहासिक आयोजन बनाना है, जो लाखों लोगों को योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित करे और एक स्वस्थ, खुशहाल और अधिक सामंजस्यपूर्ण समाज बनाने में मदद करे.  वैश्विक भागीदारी पर अपडेट साझा करते हुए आयुष मंत्रालय के सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2025 से पहले 60 से अधिक देशों ने पहले ही गतिविधियां शुरू कर दी हैं. दुनिया भर में योग के प्रति उत्साही लोग ‘एक पृथ्वी, एक स्वास्थ्य के लिए योग’ थीम और दस प्रमुख कार्यक्रमों के साथ सक्रिय रूप से आयोजन कर रहे हैं, जो इस आंदोलन के वास्तविक अंतरराष्ट्रीय चरित्र को दर्शाता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Digital Media Journalist having more than 2 years of experience in life & Style beat with a good eye for writing across various domains, such as tech and auto beat.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >