INS Vikrant: नौसेना को मिला 'बाहुबली', कांपेगी दुश्मनों की रूह, देखिए तस्वीरें

INS Vikrant: दो फुटबॉल मैदानों के आकार के बराबर एक फ्लाइट डेक, 18 मंजिल की ऊंचाई, एक दिन में 16,000 चपाती बना सकने वाले रसोई के उपकरण, समुद्र में हर पल नजर रखने वाली प्रणाली, 2,500 किलोमीटर लंबी केबल जैसी विशेषताएं भारत के स्वदेश निर्मित पहले विमानवाहक पोत ‘आईएनएस' विक्रांत को खास बनाती हैं.

5,000 घरों को रोशन करने में सक्षम

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शुक्रवार को यहां ‘आईएनएस विक्रांत’ का जलावतरण किया और इसे “तैरता नगर” तथा “तैरती हवाई पट्टी” करार दिया जो 5,000 घरों को रोशन करने समान विद्युत का उत्पादन करने में सक्षम है.

जानिए कितना है वजन

इस 45,000 टन वजनी युद्धपोत को आज जब भारतीय नौसेना में शामिल किया गया तो इसके फ्लाइट डेक पर एक उन्नत हल्का हेलीकॉप्टर (एएलएच), एक कामोव-31 और एक मिग-29के खड़ा था. यदि किसी को जहाज के मार्ग और लॉबी से गुजरना हो तो उसे लगभग 12 किमी चलना पड़ेगा.

नौसेना की और बढ़ेगी ताकत

INS विक्रांत के नौसेना में शामिल होने के मौके पर रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहा, भारतीय नौसेना हमेशा राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के संकटों में पहली प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार है. INS विक्रांत के नौसेना में शामिल होने से इसकी क्षमता और मजबूत होगी.

ईएनएस विक्रांत पर रोमियो हेलीकॉप्टर के अलावा कामोव केए-27 भी तैनात

मिग 29 के फाइटर प्लेन के अलावा विक्रांत पर रोमियो हेलिकॉप्टर तैनात हैं. इस हेलीकॉप्टर पर दर्जनों सेंसर और राडार लगे हैं जो दुश्मनों के हर बात की जानकारी सेना तक पहुंचा सकते हैं. ईएनएस विक्रांत पर रोमियो हेलीकॉप्टर के अलावा कामोव केए-27 हेलीकॉप्टर को भी तैनात किया गया है.

विक्रांत की ताकत को और बढ़ाने की योजना

आने वाले समय में योजना है कि विक्रांत की ताकत को और बढ़ाने के लिए इसके कई और फाइटर प्लेन को फिट किया जाएगा. अभी इसकी टेस्टिंग चल रही है.

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