Indus Water Treaty: अब किसी कीमत पर सिंधु जल समझौते पर नहीं होगा विचार

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि सिंधु जल समझौते को बहाल नहीं किया जायेगा और पानी का प्रयोग भारत अपने आंतरिक हित में करेगा. उन्होंने कहा कि इस पानी का प्रयोग राजस्थान में पानी की समस्या को दूर करने के लिए किया जायेगा.

Indus Water Treaty: पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ आर्थिक और कूटनीतिक कदम उठाए थे. भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को स्थगित करने का निर्णय लिया. पहलगाम हमले के बाद भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाकर पाकिस्तान के कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया. इस हमले के बाद दोनों देशों में तनाव चरम पर पहुंच गया था, हालांकि चार दिनों में ही सीजफायर हो गया. सीजफायर के बावजूद भारत सिंधु जल समझौते पर विचार करने के लिए तैयार नहीं है. जबकि पाकिस्तान की ओर से बार-बार भारत से सिंधु जल समझौते पर विचार करने का आग्रह किया जा रहा है. समझौते को स्थगित करने के कारण पाकिस्तान के कई इलाकों में पानी की गंभीर समस्या पैदा हो गयी है.

इस बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि सिंधु जल समझौते को बहाल नहीं किया जायेगा और पानी का प्रयोग भारत अपने आंतरिक हित में करेगा. उन्होंने कहा कि इस पानी का प्रयोग राजस्थान में पानी की समस्या को दूर करने के लिए किया जायेगा. एक अंग्रेजी अखबार को दिए साक्षात्कार में गृह मंत्री ने कहा कि अब सिंधु जल समझौते को कभी लागू नहीं किया जायेगा. नहर का निर्माण कर सिंधु के पानी को राजस्थान पहुंचाने का काम किया जायेगा. इस समझौते के कारण पाकिस्तान को भारतीय हितों की अनदेखी कर अधिक पानी मुहैया कराया जा रहा था. 


पाकिस्तान को हो रहा है आर्थिक नुकसान


सिंधु जल समझौता दोनों देशों के बीच वर्ष 1960 में हुआ था. इस समझौते के तहत सिंधु नदी बेसिन से बहने वाली नदियों का 80 फीसदी पाकिस्तान को देने का प्रावधान था. पहलगाम हमले के बाद भारत ने इस समझौते को स्थगित कर दिया. हालांकि पाकिस्तान लगातार पहलगाम हमले में अपना हाथ होने से इंकार करता रहा. पाकिस्तान बार-बार भारत से फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील कर रहा है. पाकिस्तान के जल संसाधन विभाग के सचिव भारत के जल संसाधन विभाग को चार पत्र लिखकर फैसले पर विचार करने का अनुरोध कर चुके है. एक अनुमान के अनुसार सिंधु जल समझौता स्थगित होने से पाकिस्तान को लगभग 2200 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है.

पाकिस्तान की कृषि पर पानी की कमी के कारण खतरा पैदा हो गया है. साथ ही कई इलाकों में पेयजल की समस्या भी पैदा हो गयी है. समझौता स्थगित होने के बाद पाकिस्तान के जल प्रवाह में 20 फीसदी की कमी आयी है. भारत सरकार  बगलिहार डैम के अलावा कई कैनाल बनाने का काम तेज कर दिया गया है. इसके निर्माण के बाद पाकिस्तान के लिए पानी की समस्या और गंभीर हो सकती है. 

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Published by: Vinay tiwari

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