इंदौर डबल मर्डर केस: च्यूइंगम से खुला हत्या का राज, बेटी के प्रेमी को दोहरा आजीवन कारावास

इंदौर के चर्चित दोहरे हत्याकांड में कोर्ट ने बेटी के प्रेमी धनंजय यादव को दोहरी उम्रकैद की सजा सुनाई है. इस मामले में कोई चश्मदीद नहीं था, लेकिन घटनास्थल से मिली च्यूइंगम पर मौजूद DNA ने जांच की दिशा बदल दी और आरोपी की मौजूदगी साबित करने में अहम भूमिका निभाई.

मध्य प्रदेश के इंदौर में SAF जवान और उनकी पत्नी की हत्या के मामले में कोर्ट ने उनकी बेटी के प्रेमी धनंजय यादव उर्फ डीजे को दोषी करार देते हुए दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई और कुल 33 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है. अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश हेमंत कुमार रघुवंशी की अदालत ने धनंजय यादव को हत्या के मामले में दोषी माना.

2020 में हुई थी पति-पत्नी की हत्या

मामला 17 दिसंबर 2020 का है. इंदौर के एरोड्रम थाना क्षेत्र में SAF जवान ज्योतिप्रसाद शर्मा और उनकी पत्नी नीलम शर्मा की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई थी. अभियोजन के मुताबिक, दंपति अपनी नाबालिग बेटी और धनंजय यादव के प्रेम संबंध के खिलाफ थे. आरोप था कि इसी वजह से बेटी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर माता-पिता को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी. दोहरा आजीवन कारावास का मतलब है किसी दोषी को एक से अधिक गंभीर अपराधों (जैसे दो अलग-अलग हत्याओं) के लिए अलग-अलग मामलों में दो बार उम्रकैद की सजा सुनाई जाती है.

च्यूइंगम बनी सबसे अहम कड़ी

इस हत्याकांड का कोई चश्मदीद गवाह नहीं था. ऐसे में पुलिस ने वैज्ञानिक तरीके से जांच की. घटनास्थल पर पुलिस को चबाकर फेंकी गई एक च्यूइंगम मिली थी. जांच में उससे DNA नमूना लिया गया और उसका मिलान धनंजय यादव के DNA से कराया गया. अभियोजन के अनुसार- दोनों नमूने मिलने से यह साबित करने में मदद मिली कि वारदात के समय धनंजय मौके पर मौजूद था.

दूसरे सबूत भी अदालत में पेश किए गए

पुलिस ने जांच के दौरान कई दूसरे सबूत भी जुटाए. अभियोजन ने इन्हें एक-दूसरे से जोड़कर अदालत के सामने पेश किया. अदालत ने वैज्ञानिक और अन्य सबूतों के आधार पर धनंजय यादव को दोषी ठहराया और दोहरे आजीवन कारावास की सजा सुनाई. मामले में अभियोजन की ओर से आरती भदौरिया ने पैरवी की थी.

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By प्रीतीश सहाय

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