Indian Navy Video: ‘याचना नहीं, अब रण होगा…’, इंडियन नेवी ने वीडियो जारी कर पाकिस्तान को दी चेतावनी

Indian Navy Video: ऑपरेशन सिंदूर में भारतीय सेनाओं की रणकौशल, राणनीति और वीरता को पूरे विश्व ने देखा. पाकिस्तान में 100 किलोमीटर अंदर घुसकर भारतीय सेना ने तबाही मचा दी. 9 आंतकवादी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया और 100 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया. भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ा एक वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर शेयर किया है. जिसमें रामधारी सिंह दिनकर की रचना रश्मिरथी के सहारे अपने पराक्रम को दिखाया है और पाकिस्तान को चेतावनी दी है.

Indian Navy Video: भारतीय नौसेना ने ऑपरेशन सिंदूर से जुड़े एक नये वीडियो में को सोशल मीडिया एक्स पर शेयर किया है. 44 सेकंड के वीडियो में भारतीय नौसेना अपनी ताकत का परिचय दे रही है. वीडियो के साथ नौसेना ने ट्वीट किया, “साहस को अपना मार्गदर्शक और कर्तव्य को अपना मार्गदर्शक मानते हुए, भारतीय नौसेना शांति सुनिश्चित करने और सभी खतरों को नष्ट करने के लिए तत्पर है.” वीडियो के बैकग्राउंड में रामधारी सिंह दिनकर की रचना रश्मिरथी के ‘कृष्ण की चेतावनी’ का पाठ किया जा रहा है. इसे आतंकवादियों और पाकिस्तान के लिए चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है. वीडियो में बैकग्राउंड से आवाज आ रही है.

हित-वचन नहीं तूने माना,
मैत्री का मूल्य न पहचाना,
तो ले, मैं भी अब जाता हूं,
अन्तिम संकल्प सुनाता हूं.
याचना नहीं, अब रण होगा,
जीवन-जय या कि मरण होगा.

‘टकरायेंगे नक्षत्र-निकर,
बरसेगी भू पर वह्नि प्रखर,
फण शेषनाग का डोलेगा,
विकराल काल मुंह खोलेगा.
रण ऐसा होगा.
फिर कभी नहीं जैसा होगा.

‘भाई पर भाई टूटेंगे,
विष-बाण बूं द-से छूटेंगे,
वायस-श्रृगाल सुख लूटेंगे,
सौभाग्य मनुज के फूटेंगे.
आखिर तू भूशायी होगा,
हिंसा का पर, दायी होगा.’

ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारतीय सेना ने पाकिस्तान पर तबाही मचाते हुए आतंकवादी ठिकानों को तबाह कर दिया. 100 से अधिक आतंकवादी ढेर हो गए और 30 से 40 पाक सैनिक भी मारे गए. भारतीय सेना के पराक्रम के सामने पाकिस्तान को घूटने टेकने के लिए मजबूर होना पड़ा. पाकिस्तान के खिलाफ संघर्ष में भारतीय नौसेना ने भी बड़ी भूमिका निभाई. जब पाकिस्तान भारत पर ड्रोन और मिसाइल से हमला करने की नाकाम कोशिश कर रहा था, तब भारतीय नौसेना कराची पर निशाना साधे बैठा था. पाक थोड़ी भी दुस्साहस करता तो उसे भारी कीमत चुकानी पड़ती.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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