Indian Navy: भारत ने सोमवार को स्वदेशी तकनीक से विकसित मल्टी इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन (MIGM) का सफल परीक्षण किया. यह प्रणाली भारतीय नौसेना की समुद्री युद्ध क्षमताओं को और ज्यादा बढ़ाएगी. इसका परीक्षण सोमवार को रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और भारतीय नौसेना ने किया. इस कामयाबी पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय नौसेना और डीआरडीओ को बधाई दी है.
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने दी बधाई
सोमवार को डीआरडीओ और नौसेना की ओर से एमआईजीएम के सफल परीक्षण पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने देश को बधाई दी है. उन्होंने कहा कि भारतीय नौसेना और डीआरडीओ ने स्वदेशी रूप से डिजाइन और विकसित एमआईजीएम का सफलतापूर्वक परीक्षण कर लिया है. उन्होंने कहा कि यह सिस्टम भारतीय नौसेना की ताकत और बढ़ाएगी. पानी में युद्ध करने की क्षमता में इससे और निखार आएगी.
उन्होंने कहा कि यह प्रणाली भारतीय नौसेना की अंडरसी युद्ध क्षमताओं को और बढ़ाएगी.
क्या है एमआईजीएम प्रणाली
मल्टी-इन्फ्लुएंस ग्राउंड माइन(MIGM) भारतीय नौसेना के लिए एक बड़ी उपलब्धि है. यह एक प्रकार की समुद्री बारूदी सुरंग है. यह खतरा भांपकर दुश्मनों के जहाजों या पनडुब्बियों को नष्ट कर देती है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक MIGM को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसके आसानी से रडार या सोनार या कई अन्य तरीके से आसानी से नहीं डिडेक्ट किया जा सकता है.
