Targeting Minorities: हिंदुओं पर हमले के खिलाफ भारत सख्त, MEA की दो टूक, कहा- बांग्लादेश सरकार ले सुरक्षा की जिम्मेदारी

Targeting Minorities: भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश में हिंदुओं समेत अन्य अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ते हमलों पर चिंता जाहिर की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि हमने बांग्लादेश सरकार से कहा है कि वो हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में कदम उठाएं.

Targeting Minorities: बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा थमने का नाम ही नहीं ले रही है. इस्कॉन के महंत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी के बाद से हमलों में और इजाफा हो गया है. इधर, भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों की हालात पर चिंता जाहिर की है. साथ ही बांग्लादेश को सधे हुए शब्दों में कहा है कि सरकार अपने देश में रह रहे अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे.

विदेश मंत्री ने लोकसभा में दी जानकारी

इधर, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने लोकसभा को बताया कि सरकार बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले पर नजर रखी हुई है. अगस्त 2024 के महीने में हिंदुओं और अन्य अल्पसंख्यकों पर हुए हमले, उनके घरों और व्यापार केंद्र समेत धार्मिक स्थलों पर तोड़फोड़ की घटनाओं की कई रिपोर्ट भी देखी है. भारत सरकार ने इन घटनाओं को गंभीरता से लिया है. बांग्लादेश सरकार के साथ अपनी चिंताओं को भी साझा किया है.

विदेश मंत्री ने बताया कि हाल ही में बांग्लादेश में दुर्गा पूजा के दौरान मंदिरों और पूजा मंडपों पर हमलों की रिपोर्ट भी सामने आई थी. इसपर सरकार ने अपनी गंभीर चिंता व्यक्त की थी. इसके बाद बांग्लादेश सरकार ने दुर्गा पूजा शांतिपूर्ण तरीके से हो इसके लिए सेना और सीमा सुरक्षा बल की तैनाती के निर्देश जारी किए थे. उन्होंने कहा कि ढाका में भारतीय आयोग बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों से संबंधित स्थिति पर बारीकी से नजर रखे हुए है.

अल्पसंख्यकों को सुरक्षा दे बांग्लादेश सरकार- विदेश मंत्रालय

इसी कड़ी में विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने भी बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमलों की निंदा की. उन्होंने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं और अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर हमने अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी है. प्रवक्ता रणधीर जयसवाल ने यह भी कहा कि हमने बांग्लादेश के सामने मामला उठाया है कि अल्पसंख्यकों की दशा और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सरकार को लेनी चाहिए.

चिन्मय दास की गिरफ्तारी पर विदेश मंत्रालय का बयान

महंत चिन्मय कृष्ण दास की गिरफ्तारी पर विदेश मंत्रालय ने कहा कि इसपर कानूनी प्रक्रिया चल रही है. विदेश मंत्रालय ने उम्मीद जताई कि  इसमें न्यायसंगत, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम किया जाएगा. इससे पहले भी भारतीय विदेश मंत्रालय हिंदू महंत की गिरफ्तारी पर संज्ञान ले चुका है. बता दें, महंत चिन्मय कृष्ण दास को ढाका एयरपोर्ट से पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था, उन पर देशद्रोह का मामला दर्ज किया गया है. इसके बाद से ही हिंदू समुदाय के लोग प्रदर्शन कर रहे हैं.

Also Rea: Arvind Kejriwal: ‘लॉरेंस बिश्नोई को सरकार का मिल रहा संरक्षण!’ केंद्र सरकार पर भड़के अरविंद केजरीवाल

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >