अमेरिकी राजदूत का बयान और पाकिस्तान हाई कमीशन पर एक्शन, क्या है दोनों का कनेक्शन?

भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राजदूत के बयान और दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर हुई कार्रवाई ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं. दोनों घटनाएं अलग-अलग वजहों से हुई हैं, लेकिन मौजूदा तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए इनके बीच किसी कनेक्शन को लेकर चर्चा तेज है. आखिर अमेरिकी राजदूत के बयान और हाई कमीशन के बाहर हुई कार्रवाई का आपस में क्या संबंध है, और क्या दोनों घटनाओं को एक ही नजरिए से देखा जा सकता है?

भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्तों में तनाव नया नहीं है. मगर अब दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर कुछ गैरकानूनी निर्माण और बैरिकेड हटाए जाने की घटना ने एक बार फिर दोनों देश के बीच तनाव की चर्चा तेज कर दी है. हालांकि इससे पहले इस्लामाबाद में भी भारतीय हाई कमीशन के बाहर भी इसी तरह की कार्रवाई हुई थी.

जानकारी के लिए बता दें कि जम्मू-कश्मीर को लेकर अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के एक बयान के बाद ये घटनाएं सामने आई हैं. उधर, पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में भी बिजली, आटा और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को लेकर लोगों का गुस्सा सामने आ रहा है. ऐसे में ये समझना जरूरी है कि क्या ये सारी घटनाएं आपस में कनेक्टेड है.

पहले समझिए, दिल्ली में पाकिस्तानी हाई कमीशन के बाहर क्या हुआ?

  • दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर कुछ ऐसे ढांचे और बैरिकेड लगे थे, जो भारत के हिसाब से गैरकानूनी तरीके से निर्माण किया गया था. इन्हें हटाने के लिए कार्रवाई की गई.
  • अब यह घटना अपने आप में बहुत बड़ी नहीं लगती, लेकिन मामला भारत-पाकिस्तान से जुड़ा है, इसलिए इस पर तुरंत चर्चा शुरू हो गई. खास बात ये है कि इससे पहले इस्लामाबाद में भारतीय हाई कमीशन के बाहर भी इसी तरह की कार्रवाई हुई थी.
  • यानी एक तरफ पाकिस्तान में भारतीय मिशन के बाहर कार्रवाई हुई और उसके बाद भारत में पाकिस्तानी मिशन के बाहर. इसी वजह से इसे दोनों देशों के बीच चल रहे तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है.
  • हालांकि, सिर्फ इस घटना के आधार पर यह कहना फिलहाल सही नहीं होगा कि दोनों देशों के राजनयिक रिश्ते किसी नए बड़े संकट में पहुंच गए हैं.

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अमेरिकी राजदूत के बयान से पाकिस्तान क्यों नाराज है?

इस पूरी कहानी में एक और अहम बात है ये है कि बीते दिनों अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर के दौरे के दौरान कुछ ऐसा कहा जो पाकिस्तान को पसंद नहीं आया.

  • सर्जियो गोर ने अपने जम्मू-कश्मीर यात्रा के दौरान कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया और वहां की सुरक्षा व्यवस्था की तारीफ भी की.
  • अब पाकिस्तान कश्मीर को लेकर भारत के रुख से सहमत नहीं है. इसलिए जब अमेरिका जैसे बड़े देश के राजदूत की तरफ से कशमीर को भारत के पक्ष में बताना, पाकिस्तान के लिए यह राजनीतिक तौर पर संवेदनशील हो जाता है.

इसी वजह से पाकिस्तान ने अपनी नाराजगी जाहिर की.

तो क्या अमेरिकी राजदूत के बयान का हाई कमीशन वाली घटना से संबंध है?

  • कई मीडिया रिपोर्ट में अमेरिकी राजदूत के बयान पर पाकिस्तान की नाराजगी को हाई कमीशन के बाहर हुई कार्रवाई के साथ जोड़कर देखा जा रहा.
  • लेकिन आधारिक तौर पर अभी तक ऐसी जानकारी सामने नहीं आई, जिससे यह साबित हो कि दिल्ली में बैरिकेड हटाने का फैसला सीधे पाकिस्तान के नाराजगी को लेकर है.
  • हाई कमीशन के बाहर की कार्रवाई का तत्काल कारण अनधिकृत ढांचे और बैरिकेड बता जा रहा हैं, लेकिन इसका राजनीतिक मतलब भारत-पाकिस्तान के पहले से खराब रिश्तों की वजह से ज्यादा बड़ा दिखाई देता है.

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तो आखिर इन सबका आपस में संबंध क्या है?

  • सीधी बात यह है कि इन सभी घटनाओं की पृष्ठभूमि भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव और कश्मीर विवाद है.
  • हालांकि, हर घटना के पीछे अलग-अलग वजहें भी हैं. हाई कमीशन के बाहर की कार्रवाई का तत्काल कारण बिना अनुमति बनाए गए ढांचे हैं. वहीं, अमेरिकी राजदूत का बयान एक अलग कूटनीतिक मामला है.
  • इसलिए यह कहना सही नहीं होगा कि ये सभी घटनाएं सीधे तौर पर एक-दूसरे से जुड़ी हुई हैं.
  • असल में, भारत और पाकिस्तान के रिश्ते पहले से ही तनावपूर्ण हैं. ऐसे माहौल में कोई छोटी प्रशासनिक कार्रवाई भी बड़ी राजनीतिक खबर बन जाती है.

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By गौतम कुमार

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