भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि रक्षा मंत्रालय अब आत्मनिर्भर भारत अभियान को और गति देने के लिए तैयार है. रक्षा उत्पादन के स्वदेशीकरण को बढ़ावा देने के लिए रक्षा मंत्रालय 101 से अधिक वस्तुओं पर आयात प्रतिबंध लगाएगा.
आज रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने एक के बाद एक कई ट्वीट किये. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आत्मनिर्भर भारत के लिए पांच स्तंभों अर्थात्, अर्थव्यवस्था, अवसंरचना, प्रणाली, जनसांख्यिकी और मांग के आधार पर और भारत के लिए एक विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की जिसका नाम ‘आत्मनिर्भर भारत’ है. इसे ध्यान में रखते हुए, रक्षा मंत्रालय ने 101 वस्तुओं की एक सूची तैयार की है, जिस पर आयात प्रतिबंध लगाया जाएगा। यह रक्षा में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है.
आगे रक्षा मंत्री ने कहा कि यह निर्णय भारतीय रक्षा उद्योग को खुद के डिजाइन और विकास क्षमताओं का उपयोग करके या फिर डीआरडीओ द्वारा विकसित तकनीकों को अपनाकर सशस्त्र बलों की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हथियारों के निर्माण का एक बड़ा अवसर प्रदान करेगा. उन्होंने कहा कि भारत के भीतर विभिन्न गोला-बारूद और उपकरणों के विनिर्माण के लिए भारतीय उद्योग की वर्तमान और भविष्य की क्षमताओं का आकलन करने के लिए सशस्त्र बलों, सार्वजनिक और निजी उद्योग सहित सभी हितधारकों के साथ कई दौर की चर्चाएं हुई, जिसके बाद रक्षा मंत्रालय द्वारा इस सूची को तैयार किया गया है.
राजनाथ सिंह ने कहा कि अप्रैल 2015 से अगस्त 2020 के बीच लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर ऐसी सेवाओं की लगभग 260 योजनाओं को त्रि-सेवाओं द्वारा अनुबंधित किया गया था. ऐसा अनुमान है कि अगले छह से सात साल के भीतर लगभग चार लाख करोड़ रुपये के अनुबंध घरेलू उद्योग पर रखे जाएंगे.
इससे पहले पूर्वी लद्दाख में नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर पैंगोंग सो और डेपसांग के अलावा गतिरोध के अनेक स्थानों से सैनिकों के पीछे हटने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए भारत और चीन के वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों ने शनिवार को विस्तार से बातचीत की है. इस बातचीत में भारत ने चीन से स्पष्ट कहा है कि वह पूर्वी लद्दाख के रणनीतिक रूप से बेहद अहम डेपसांग-दौलत बेग ओल्डी (डीबीओ) सेक्टर में अपने सैनिकों को वापस बुलाये साथ ही निर्माण गतिविधियों को रोके….
जानकारी के अनुसार एलएसी के चीनी क्षेत्र की तरफ दौलत बेग ओल्डी में मेजर जनरल स्तर की बातचीत कल पूर्वाह्न 11 बजे शुरू हुई और शाम साढ़े सात बजे समाप्त हुई. इस संबंध में जानकारी रखने वाले एक शख्स ने पीटीआई को बताया कि बैठक में उन फैसलों के क्रियान्वयन पर प्रमुखता से बात हुई जो गत सप्ताह दोनों सेनाओं के कोर कमांडर के बीच हुई पांचवीं दौर की बातचीत में लिए गए थे.
Posted By : Amitabh Kumar
