गलवान घाटी पर अब भी अपनी गलती मानने को तैयार नहीं है चीन

गलवान घाटी पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के लगभग दो महीने हो चुके हैं. इस बीच इस तनाव की स्थिति को कम करने के लिए दोनों ही देशों के बीच कई स्तरों की बैठक हो चुकी है. पर चीन हैं कि बार बार अपने बात से पीछे हट जा रहा है. अब चीन के भारतीय राजदूत सून वेइद़ॉन्ग ने कहा कि है कि 15 जून को गलवान घाटी में जो घटना घटी थी उसके लिए चीन जिम्मेदार नहीं है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी राजदूत ने चीन-भारत की समीक्षा की, जो कि दिल्ली में प्रकाशित एक चीनी दूतावास की पत्रिका में छपी है.

गलवान घाटी पर भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच हुई झड़प के लगभग दो महीने हो चुके हैं. इस बीच इस तनाव की स्थिति को कम करने के लिए दोनों ही देशों के बीच कई स्तरों की बैठक हो चुकी है. पर चीन हैं कि बार बार अपने बात से पीछे हट जा रहा है. अब चीन के भारतीय राजदूत सून वेइदॉन्ग ने कहा कि है कि 15 जून को गलवान घाटी में जो घटना घटी थी उसके लिए चीन जिम्मेदार नहीं है. इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक चीनी राजदूत ने चीन-भारत की समीक्षा की, जो कि दिल्ली में प्रकाशित एक चीनी दूतावास की पत्रिका में छपी है.

सून वेइदॉन्ग ने कहा कि अगर कोई इस घटना का सावधानी से विश्लेषण करता है, तो यह स्पष्ट हो जायेगा की कि चीन पर इसकी जिम्मेदारी नहीं है. इस पत्रिका के माध्यम से चीनी राजदूत ने कहा कि भारतीय पक्ष ने उकसावे के लिए एलएसी पर सीमा पार करके चीनी सैनिकों पर हमला किया. यहा पर भारतीय सुरक्षाबलों ने पूरी गंभीरता के साथ दोनों देशों के बीच हुए सीमा समझौते का उल्लंघन किया. इतना ही नहीं सून वेइद़ॉन्ग ने लिखा है कि भारतीय सुरक्षाबलों ने अंतरराष्ट्रीय संबंधों को नियंत्रित करने वाले बुनियादी मानदंडों का भी उल्लंघन किया.

चीनी राजदूत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से आग्रह किया कि इस पूरी घटना की अच्छे से जांच करायी जाये और जिन्होंने नियमों का उल्लंघन किया उन्हें दोषी करार दिया जाये. साथ ही कहा की भारत सख्ती से अपने सीमावर्ती सैनिकों को अनुशासित करें और ऐसा कोई भी उत्तेजक कार्य नहीं करने के लिए कहा जाये जिससे की भविष्य में फिर से ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं हो.

बता दें कि चीन में पुलिस ने पिछले हफ्ते सोशल मीडिया पर अफवाह पोस्ट करने के लिए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था जिसमें आरोप लगाया गया था कि खराब-गुणवत्ता वाले सैन्य वाहनों के कारण भारत-चीन सीमा संघर्ष के दौरान चीनी सैनिकों की मौत हुई है. हलांकि गलवान घाटी की घटना के बाद चीन ने अपनी तरफ से हताहतों की जानकारी जारी नहीं की है, पर एक अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार इस झड़प में 35 चीनी सैनिक मारे गये थे.

Posted By: Pawan Singh

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