Vice President Election: INDIA ब्लॉक ने आगामी उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नाम का ऐलान कर दिया है. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज सुदर्शन रेड्डी को विपक्ष ने अपना उम्मीदवार बनाया है. इस बात की जानकारी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से दी.
21 सिंतबर को भरेंगे नामांकन
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बी. सुदर्शन रेड्डी 21 सितंबर को उपराष्ट्रपति पद के लिए नामांकन दाखिल करेंगे. सुदर्शन रेड्डी की टक्कर NDA के उम्मीदवार सीपी राधाकृष्णनन से होगी. NDA ने दो दिन पहले उनके नाम का ऐलान किया था.
कौन हैं बी सुदर्शन रेड्डी?
खरगे ने कहा कि रेड्डी भारत के सबसे प्रतिष्ठित और प्रगतिशील न्यायविदों में से एक हैं. उनका एक लंबा और प्रतिष्ठित कानूनी करियर रहा है, जिसमें आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश, गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश के रूप में कार्य शामिल है. वे सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय के एक निरंतर और साहसी चैंपियन रहे हैं. वह एक गरीब आदमी हैं और यदि आप उनके कई फैसले पढ़ेंगे, तो आपको पता चलेगा कि कैसे उन्होंने गरीब लोगों का पक्ष लिया और संविधान और मौलिक अधिकारों की रक्षा भी की.
विपक्ष के संयुक्त उम्मीदवार
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि उपराष्ट्रपति पद का यह चुनाव एक वैचारिक लड़ाई है और सभी विपक्षी दल इस पर सहमत हैं और यही वजह है कि हमने बी. सुदर्शन रेड्डी को संयुक्त उम्मीदवार के रूप में नामित किया है.
आम आदमी पार्टी की भी सहमति
बी. सुदर्शन रेड्डी के नाम के ऐलान के बाद टीएमसी सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने कहा कि उनके नाम पर सभी विपक्षी पार्टियां सहमत हैं. इसमें आम आदमी पार्टी भी शामिल हैं. इसके अलावा, डीएमके सांसद कनिमोझी ने कहा कि यह एक वैचारिक लड़ाई है. इसलिए विपक्ष RSS पृष्ठभूमि से आने वाले उम्मीदवार के खिलाफ एक उम्मीदवार चुनने के लिए एक साथ आए. विपक्ष ने जो उम्मीदवार चुना है, वह संविधान का सम्मान करता है. उन्होंने बीजेपी पर तंज कसते हुए कहा कि सिर्फ इसलिए कि बीजेपी के पास तमिलनाडु से एक उम्मीदवार है, इसका मतलब यह नहीं है कि उनको तमिलनाडु, तमिल भाषा या राज्य के मूल्यों की परवाह है.
