पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में जारी हिंसक विरोध प्रदर्शनों और मानवाधिकारों के कथित उल्लंघन पर भारत ने गंभीर चिंता जताई है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि वहां हालात बेहद गंभीर हैं और स्थानीय लोगों को अंतरराष्ट्रीय समुदाय की सहानुभूति व समर्थन की तत्काल जरूरत है.
हिंसा में जान-माल का भारी नुकसान
भारत के मुताबिक, विरोध प्रदर्शनों के दौरान कई लोगों की जान जा चुकी है और बड़ी संख्या में नागरिक घायल हुए है. भारत ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बल प्रयोग और दमन का आरोप लगाया है.
बुनियादी जरूरतों पर पाबंदी का आरोप
विदेश मंत्रालय ने कहा कि PoK में जरूरी वस्तुओं और रोजमर्रा की जरूरतों की आपूर्ति पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं. इससे स्थानीय आबादी के सामने मानवीय संकट और गहरा गया है.
महंगाई और बिजली बिल से जनता नाराज
प्रदर्शनों के पीछे बिजली के भारी बिल, आटे और जरूरी खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें प्रमुख मुद्दे बताए जा रहे हैं. प्रशासनिक कार्रवाई और कथित गोलीबारी ने भी लोगों का गुस्सा बढ़ाया है.
भारत ने दोहराया- जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा
भारत ने PoK में कराए जा रहे तथाकथित स्थानीय चुनावों को दिखावा बताया है. विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख का पूरा क्षेत्र भारत का अभिन्न और अविभाज्य हिस्सा है. भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों से घटनाओं की स्वतंत्र जांच तथा पाकिस्तान की जवाबदेही तय करने की अपील की है.
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