बिना किसी देरी के I-N-D-I-A गठबंधन के अन्य दल से सीट शेयरिंग पर बात करेगी कांग्रेस, यहां फंस सकता है पेंच

पिछले कुछ दिनों में कांग्रेस के द्वारा बनाई गई समिति ने ‘इंडिया’ के साथ गठबंधन पर विभिन्न राज्यों के पार्टी नेताओं के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया है. जानें सीट शेयरिंग को लेकर क्या बोले वासनिक

कांग्रेस लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुट चुकी है. इसको लेकर पार्टी की ओर से एक अहम बैठक बुलाई गई थी जिसमें कई फैसले लिये गये. कांग्रेस की ओर से घोषणा की गई कि इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव अलायंस (I-N-D-I-A) में अपने साथियों के साथ लंबे समय से प्रतीक्षित सीट-बंटवारे की बातचीत बिना किसी देरी के शुरू की जाएगी. जब भी सहयोगी तैयार होंगे, उस मुद्दे पर प्रथमिकता से बात की जाएगी. खबरों की मानें तो कांग्रेस की राष्ट्रीय गठबंधन समिति ने चार जनवरी को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और वरिष्ठ नेता राहुल गांधी से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान उन्हें लोकसभा चुनाव में गठबंधन के घटक दलों के साथ सीट-बंटवारे पर प्रदेश इकाइयों की प्रतिक्रिया की जानकारी दी. समिति ने कहा कि ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों से राज्य वार बातचीत जल्द शुरू करने की प्रक्रिया होगी. आपको बता दें कि इस समिति के संयोजक मुकुल वासनिक हैं. समिति में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, भूपेश बघेल, मोहन प्रकाश और सलमान खुर्शीद को भी रखा गया है.

राज्यों के पार्टी नेताओं के साथ व्यापक विचार-विमर्श

सीट शेयरिंग को लेकर वासनिक ने मीडिया से बात की और कहा कि पिछले कुछ दिनों में समिति ने ‘इंडिया’ के साथ गठबंधन पर विभिन्न राज्यों के पार्टी नेताओं के साथ व्यापक विचार-विमर्श किया है. हमने पार्टी अध्यक्ष खरगे, राहुल गांधी और वेणुगोपाल के समक्ष चर्चा का विवरण रख दिया है. इसके बाद हम जल्द ही गठबंधन सहयोगियों के साथ बातचीत शुरू कर देंगे. उन्होंने कहा कि हम विभिन्न पार्टियों की सुविधा और उपलब्धता को देखेंगे, इसके बाद फिर चर्चा के साथ आगे बढ़ेंगे.

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समिति के संयोजक मुकुल वासनिक ने आगे कहा कि कांग्रेस जानती है कि सीटों का बंटवारा जल्द किया जाना है. वह इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देगी. उन्होंने कहा कि इसमें कोई देरी नहीं की जाएगी. हम उन दलों के साथ बात करेंगे जिनका क्षेत्रों में प्रभाव है और उनके प्रभाव को ध्यान में रखते हुए, हम किसी निर्णय तक पहुंचेंगे. निश्चित रूप से यह एक राज्यवार चर्चा होगी और फिर हम आगे बढ़ेंगे.

कहां-कहां फंस सकता है पेंच

आपको बता दें दिल्ली के साथ-साथ पंजाब और बंगाल में कांग्रेस को दिक्कत आ सकती है. क्योंकि दिल्ली और पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार पूरे बहुमत के साथ है. जबकि बंगाल में कांग्रेस और ममता बनर्जी की पार्टी टीएमसी के बीच खींचतान शुरू हो गई है. पंजाब और दिल्ली में सीट बंटवारे के बारे में पूछे जाने पर वासनिक ने कहा कि वह विशिष्ट राज्यों और पार्टियों के बारे में बात करने की स्थिति में नहीं हैं. हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि लोकसभा चुनाव के बाद ‘इंडिया’ गठबंधन केंद्र में सरकार बनाए.

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गौर हो कि टीएमसी लोकसभा चुनाव को लेकर जल्द सीट बंटवारा समझौता करने पर जोर दे रही है. इसने सीट-बंटवारे की बातचीत के लिए 31 दिसंबर की समय सीमा रखी थी, लेकिन अभी सीट बंटवारा नहीं हुआ है. इस बीच कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने टीएमसी पर जोरदार हमला किया है.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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