कैसे हुई राम मंदिर की खोज ? जानें पुरातत्वविद् बी बी लाल को क्‍या मिला पहले अयोध्‍या में

लाल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के महानिदेशक रहे थे और उन्हें अयोध्या में उस स्थल पर खुदाई के दौरान मंदिर जैसे स्तंभ मिले थे, जहां अब राममंदिर का निर्माण किया जा रहा है जिसका इंतजार देश के लोगों को वर्षों से था.

बी बी लाल…यह वह नाम है जो कभी ना कभी आपके कानों तक जरूर पहुंचा होगा…जी हां…बी बी लाल एक वरिष्ठ पुरातत्वविद् एवं पद्म विभूषण से सम्मानित शख्‍स थे जिनका शनिवार को 101 साल की उम्र में निधन हो गया. उनके निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई गणमान्‍य लोगों ने श्रद्धांजलि दी है. पीएम मोदी ने उनके निधन पर कहा कि लाल को एक महान बुद्धिजीवी के रूप में याद किया जाएगा, जिन्होंने ‘‘हमारे समृद्ध अतीत के साथ हमारे संबंध को गहरा किया.” आइए अब आपको हम बी बी लाल के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं जिसके कारण उनका नाम इतिहास के पन्‍नों पर दर्ज हो गया है.

मंदिर जैसे स्तंभ मिले थे लाल को

दरअसल लाल भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के महानिदेशक रहे थे और उन्हें अयोध्या में उस स्थल पर खुदाई के दौरान मंदिर जैसे स्तंभ मिले थे, जहां अब राममंदिर का निर्माण किया जा रहा है जिसका इंतजार देश के लोगों को वर्षों से था. लाल एएसआई के सबसे कम उम्र के महानिदेशकों में से एक थे और वह 1968 से 1972 तक पद पर अपनी सेवा दी. लाल की अगुवाई में अयोध्या में किये गये उत्खनन के बारे में कहा जाता है कि स्थल बाबरी मस्जिद के पास था. यह वर्ष 1970 के दशक के मध्य में किया गया, लेकिन इस पर कोई रिपोर्ट नहीं तैयार की गयी. लाल ने एएसआई के सबसे युवा महानिदेशकों में से एक के रूप में कार्य किया था.

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पीएम मोदी ने कुछ यूं किया याद

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल के कार्यों को याद करते हुए कहा कि श्री बी बी लाल एक महान व्यक्ति थे. संस्कृति और पुरातत्व में उनका योगदान अद्वितीय है. उन्हें एक महान बुद्धिजीवी के रूप में देश याद करेगा. लाल ने हमारे समृद्ध अतीत के साथ हमारे जुड़ाव को और गहरा किया. आगे पीएम मोदी ने कहा कि लाल के निधन से दुखी हूं. मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और दोस्तों के साथ हैं…ओम शांति…

भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने क्‍या कहा

लाल के निधन के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने उन्हें याद किया. विभाग ने ट्वीट किया कि पुरातत्व के क्षेत्र में पद्म विभूषण प्रोफेसर बी बी लाल का उल्लेखनीय योगदान है. वह अपने क्षेत्र के अगुआ थे, उन्होंने अपना जीवन इस विषय के लिए समर्पित करने का काम किया. लाल का काम आने वाली पीढ़ियों को सिखाता रहेगा और लोगों को प्रभावित करता रहेगा. महान आत्मा को हमारी श्रद्धांजलि…

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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