जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा पर गृह मंत्रालय अलर्ट, अमित शाह ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग, आईबी-रॉ के चीफ भी शामिल

जम्मू में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान समेत कश्मीरी पंडितों पर हो रहे हमले को लेकर गृह मंत्रालय ने आवश्यक बैठक बुलाई है. इस बैठक में आईबी रॉ के चीफ समेत कई बड़े अधिकारी शामिल है.

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में जम्मू-कश्मीर के विकास परियोजनाओं और सुरक्षा संबंधी मुद्दों को लेकर बैठक जारी है. इस बैठक में जम्मू में आतंकियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान समेत कश्मीरी पंडितों पर हो रहे हमले को लेकर चर्चा की जा सकती है. बैठक में जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल, गृह सचिव, राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों के चीफ समेत प्रमुख अधिकारी उपस्थित हैं.


जम्मू मुठभेड़ के बाद शाह ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग

शाह ने बैठक ऐसे दिन की जब जम्मू के सिधरा इलाके में सुबह सुरक्षा बलों ने एक मुठभेड़ के बाद भारी हथियारों से लैस चार आतंकवादियों को मार गिराया. मारे गए आतंकवादी घुसपैठ कर पाकिस्तान से आए थे. पहले से निर्धारित बैठक में, शाह ने केंद्रशासित प्रदेश की मौजूदा सुरक्षा स्थिति और पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों से निपटने एवं शांति बनाए रखने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा की.

सुरक्षा एजेंसी के अधिकारियों ने लिया भाग

एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रशासित प्रदेश में कार्यान्वित विकास कार्यक्रमों पर भी बैठक में विस्तार से चर्चा की गई. बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मंत्रालय, अर्धसैनिक बलों, जम्मू-कश्मीर प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी भाग लिया. अधिकारियों ने कहा कि हालिया महीनों में जम्मू-कश्मीर में हिंसा की छिटपुट घटनाएं हुई हैं जिनमें मासूम नागरिकों और सुरक्षाकर्मियों पर हमले और सीमा पार से घुसपैठ की कोशिशें शामिल हैं.

जम्मू में आज चार आतंकी मुठभेड़

पुलिस के अनुसार सुरक्षा बलों ने जम्मू के सिधरा इलाके में बुधवार सुबह एक मुठभेड़ के बाद चार आतंकवादियों को मार गिराया जो पाकिस्तान से आए थे. इस महीने की शुरुआत में, ऐसी खबरें थीं कि एक आतंकवादी समूह ने 56 कर्मचारियों की “हिट लिस्ट” जारी की थी और उसके बाद घाटी में कार्यरत कश्मीरी पंडित समुदाय के सदस्य दहशत में थे. लश्कर-ए-तैयबा की शाखा द रेजिस्टेंस फ्रंट से जुड़े एक ब्लॉग ने 56 कश्मीरी पंडित कर्मचारियों की सूची प्रकाशित की, जिन्हें प्रधानमंत्री पुनर्वास पैकेज के तहत भर्ती किया गया था. आतंकवादियों द्वारा लक्षित हत्याओं के बाद, घाटी में कार्यरत कई कश्मीरी पंडित जम्मू चले गए हैं और वे स्थानांतरित किए जाने की मांग को लेकर 200 से अधिक दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं.

(भाषा- इनपुट के साथ)

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By Piyush Pandey

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