Himachal Pradesh के चंबा जिले में एक खाई में कार के गिर जाने से मारे गए 7 पर्यटकों और टैक्सी चालक के शवों को निकालने का अभियान रविवार को जारी है. हादसा शुक्रवार देर रात चुराह उपमंडल के बैरागढ़-साच पास-किल्लर मार्ग पर हुई. लेकिन स्थानीय लोगों को इसकी जानकारी शनिवार दोपहर को मिली. अधिकारियों ने बताया कि यह दुर्घटना उस वक्त हुई जब कार हिमाचल प्रदेश के सबसे दुर्गम मार्गों में से एक, बर्फ से ढके साच दर्रे की ओर जा रही थी.
शवों को निकालने का अभियान जारी
चुराह से बीजेपी विधायक हंस राज ने पीटीआई को बताया कि शवों को निकालने का अभियान जारी है लेकिन खड़ी ढलान और खराब मौसम के कारण शवों को निकाला नहीं जा सका है. उन्होंने बताया कि इलाका दूरदराज का और दुर्गम है तथा वहां फोन का सिग्नल भी नहीं आता.
टैक्सी में दो परिवार के लोग सवार थे
दो परिवार डलहौजी में मिले थे और उन्होंने एक ही टैक्सी से साच दर्रा क्षेत्र में बर्फबारी का आनंद लेने का फैसला किया था. टैक्सी चालक सहित दोनों परिवार शुक्रवार को साच दर्रा के रास्ते बैरागढ़-किल्लर रवाना हुए और जब टैक्सी निर्धारित समय के बाद भी डलहौजी नहीं लौटी तो वाहन मालिक ने वाहन की जीपीएस लोकेशन की जांच की. जीपीएस डेटा के अनुसार, वाहन कलावन क्षेत्र के पास एक ही स्थान पर स्थिर दिखाई दिया और उसमें हलचल का कोई संकेत नहीं था. इसके बाद तलाशी अभियान शुरू किया गया जिससे यह आशंका बढ़ गई कि वाहन किसी दुर्घटना का शिकार हो गया है.
मृतकों में बेंगलुरु और कर्नाटक के पर्यटक शामिल
मृतकों की पहचान अरविंद चंद्रकर, उनकी पत्नी प्राची, पुत्र दर्श और अक्षद (सभी बेंगलुरु निवासी), पी.जी. कार्तिकेयन, उनकी पत्नी मणिमाला और पुत्र नंदन (सभी कर्नाटक निवासी) और टैक्सी चालक विश्वास (हिमाचल प्रदेश के चंबा निवासी) के रूप में हुई है.
