Himachal Political Crices: 'सुखविंदर सिंह सुक्खू बने रहेंगे मुख्यमंत्री', पर्यवेक्षक डीके शिवकुमार ने किया ऐलान

Himachal Political Crices: राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की हार की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ले ली है. इस बात की जानकारी खुद डीके शिवकुमार ने दी.

Himachal Political Crices:हिमाचल प्रदेश में राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस के विधायकों के ‘क्रॉस वोटिंग’ करने के बाद राजनीतिक संकट पैदा हो गया है. जिसके बाद हिमाचल प्रदेश की सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं. हालांकि बागी विधायकों के साथ बैठक के बाद पर्यवेक्षक और कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने मीडिया के साथ बातचीत में कहा कि सुक्खू सरकार पूरी तरह से सेफ है और अपना कार्यकाल पूरा करेगी. उन्होंने यह भी कहा कि सुक्खू मुख्यमंत्री बने रहेंगे.

Himachal Political Crices:सीएम सुक्खू ने ली राज्सभा चुनाव में अभिषेक मनु सिंघवी की हार की जिम्मेदारी

राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस की हार की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने ले ली है. इस बात की जानकारी खुद डीके शिवकुमार ने दी. कांग्रेस के केंद्रीय पर्यवेक्षक डीके शिवकुमार ने गुरुवार को कहा कि हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राज्यसभा चुनाव में पार्टी के नेता अभिषेक मनु सिंघवी की हार की जिम्मेदारी ली है. मालूम हो चुनाव में कांग्रेस के 6 विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की. जिससे कांग्रेस उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी हार गए. जबकि बीजेपी उम्मीदवार हर्ष महाजन को बड़ी जीत मिली. दोनों उम्मीदवारों को 34-34 वोटें मिली थी, जिसके बाद पर्ची के जरिए फैसला किया गया.

केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने बागी विधायकों के साथ बात की और संकट को टाला

डीके शिवकुमार ने कहा कि केंद्रीय पर्यवेक्षकों ने सुक्खू, पार्टी विधायकों और प्रदेश इकाई की प्रमुख प्रतिभा सिंह से बात की है और सभी मतभेद दूर कर लिए गए हैं. पार्टी पर्यवेक्षक भूपेन्द्र हुड्डा के साथ यहां मीडिया को संबोधित करते हुए शिवकुमार ने कहा कि कांग्रेस विधायकों के साथ एक-एक कर बैठक और सुक्खू व प्रदेश कांग्रेस प्रमुख प्रतिभा सिंह के साथ बातचीत के बाद मतभेद दूर हो गए हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सभी आंतरिक मामलों को सुलझाने के लिए एक समन्वय समिति बनाने का निर्णय लिया गया है और कोई भी नेता से प्रेस से बात नहीं करेगा.

विधानसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस के 6 विधायकों को अयोग्य घोषित किया

हिमाचल प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष कुलदीप सिंह पठानिया ने राज्य की एकमात्र राज्यसभा सीट के लिए हाल ही में हुए चुनाव में ‘क्रॉस वोटिंग’ करने के लिए गुरुवार को छह कांग्रेस विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया. अयोग्य घोषित किए गए विधायकों में राजेंद्र राणा, सुधीर शर्मा, इंद्रदत्त लखनपाल, देवेंद्र कुमार भुट्‌टो, रवि ठाकुर और चैतन्य शर्मा शामिल हैं. बागी विधायकों को अयोग्य ठहराए जाने के बाद सदन में कुल विधायकों की संख्या 68 से घटकर 62 रह गई है. इससे कांग्रेस विधायकों की संख्या 40 से घटकर 34 हो गई है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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