Gurmeet Ram Rahim: 40 दिन की पैरोल मिलने के बाद गुरमीत राम रहीम ने ऐसे मनाया जश्न, तलवार से काटा केक

गुरमीत राम रहीम सिंह को तीसरी बार पैरोल मिला है. जेल से बाहर होने के बाद उसने जमकर जश्न मनाया है. उसकी ताजा तस्वीरें इस समय सोशल मीडिया पर तैर रही हैं. जिसमें वह तलवार से केक काटते नजर आ रहा है. जश्न में उसके कई अनुयायी भी शामिल थे.

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह 40 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आ गया है. जिसके बाद से वह लगातार चर्चा में है. अपनी दो शिष्याओं के साथ बलात्कार के आरोप में 20 साल की जेल की सजा काट रहे गुरमीत राम रहीम ने जेल से बाहर आने पर जश्न मनाया है. जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो रही हैं.

पैरोल पर जेल से बाहर आये गुरमीत राम रहीम ने केक काटकर मनाया जश्न

गुरमीत राम रहीम सिंह को तीसरी बार पैरोल मिला है. जेल से बाहर होने के बाद उसने जमकर जश्न मनाया है. उसकी ताजा तस्वीरें इस समय सोशल मीडिया पर तैर रही हैं. जिसमें वह तलवार से केक काटते नजर आ रहा है. जश्न में उसके कई अनुयायी भी शामिल थे.

स्वच्छता अभियान से जुड़ा दुष्कर्मी गुरमीत राम रहीम

पैरोल पर जेल से बाहर आए डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह ने सोमवार को हरियाणा और कुछ अन्य राज्यों में कई स्थानों पर अपने संप्रदाय के स्वयंसेवकों द्वारा आयोजित एक बड़े स्वच्छता अभियान का डिजिटल उद्घाटन किया. इस कार्यक्रम में हरियाणा भाजपा के कुछ वरिष्ठ नेताओं की भागीदारी देखी गई, जिनमें राज्यसभा सदस्य कृष्ण लाल पंवार और पूर्व मंत्री कृष्ण कुमार बेदी शामिल थे. अभियान के डिजिटल उद्घाटन में शामिल होने वाले भाजपा नेताओं और अन्य लोगों ने भी डेरा के पूर्व प्रमुख शाह सतनाम सिंह की जयंती पर अग्रिम बधाई दी. पूर्व प्रमुख सिंह की जयंती 25 जनवरी को पड़ती है.

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डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के पैरोल पर उठ रहे सवाल

अपनी दो शिष्याओं के साथ बलात्कार के आरोप में 20 साल की जेल की सजा काट रहे सिरसा मुख्यालय वाले डेरा प्रमुख 40 दिन की परोल मिलने के बाद शनिवार को हरियाणा के रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आए और उत्तर प्रदेश के बागपत में बरनावा आश्रम पहुंचे. इधर बार-बार मिल रहे पैरोल पर बवाल शुरू हो गया है. विपक्षी दल ने इस मामले को लेकर हरियाणा सरकार को कटघरे में खड़ा किया है. यही नहीं सिख समूह ने भी इसपर सवाल खड़ा किया है.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials) अरबिंद शैक्षणिक रूप से भी पत्रकारिता और क्षेत्रीय विषयों के गहरे जानकार हैं:

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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