Hanuman Jayanti: हनुमान जयंती पर पश्चिम बंगाल में बवाल करने वालों की खैर नहीं, केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल तैनात

राज्य में संवेदनशील क्षेत्रों और उन जगहों पर भी पर्याप्त संख्या में राज्य पुलिस बल तैनात होंगे, जहां हाल ही में हिंसा देखी गई थी. इसके अलावा, कोलकाता, हुगली और बैरकपुर में अर्धसैनिक बलों की तीन कंपनियों को तैनात करने का फैसला किया है.

कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने हनुमान जन्मोत्सव के दौरान तीन जिलों – हुगली, बैरकपुर और कोलकाता में अर्धसैनिक बलों को तैनात करने का फैसला किया. केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने बताया, कानून व्यवस्था बनाए रखने में राज्य पुलिस की सहायता के लिए पश्चिम बंगाल में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल की तैनाती की जाएगी.

हिंसा प्रभावित क्षेत्रों में तैनात होंगे अर्धसैनिक बल

राज्य में संवेदनशील क्षेत्रों और उन जगहों पर भी पर्याप्त संख्या में राज्य पुलिस बल तैनात होंगे, जहां हाल ही में हिंसा देखी गई थी. इसके अलावा, कोलकाता, हुगली और बैरकपुर में अर्धसैनिक बलों की तीन कंपनियों को तैनात करने का फैसला किया है. गौरतलब है कि हाल में रामनवमी शोभायात्रा के दौरान हुगली और हावड़ा जिलों में हिंसक झड़पें हुई थीं.

बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने हनुमान जयंती पर शांति बनाए रखने की अपील की

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने लोगों से हनुमान जयंती शांतिपूर्ण तरीके से मनाने का अनुरोध किया ताकि कहीं भी कोई समस्या न हो. बनर्जी ने पूर्व मेदिनीपुर जिले के दीघा में कहा, गुरुवार हनुमान जयंती है. मैं सभी से इसे शांतिपूर्वक मनाने का आग्रह करती हूं. अगर शांति बनाए रखी जाए तो कोई समस्या नहीं होगी. बंगाल शांति की भूमि है. उन्होंने कहा, धर्म एक व्यक्तिगत पसंद है जबकि उत्सव सभी के लिए हैं.

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हनुमान जयंती के दौरान कानून-व्यवस्था सुनिश्चित करें राज्य : गृह मंत्रालय

रामनवमी के दौरान पश्चिम बंगाल और बिहार में हुई सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं के मद्देनजर केंद्र ने सभी राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों को छह अप्रैल को हनुमान जयंती के अवसर पर कानून-व्यवस्था एवं शांति सुनिश्चित करने तथा समाज में सांप्रदायिक सद्भाव को बाधित करने की आशंका वाले कारकों पर नजर रखने निर्देश दिया. गृह मंत्री के कार्यालय ने ट्वीट किया, राज्य / केंद्रशासित प्रदेश की सरकारों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने, त्योहार के दौरान शांति कायम रखने और समाज में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की आशंका वाले हर प्रकार के कारक पर नजर रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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