जेल से बाहर आएंगे गुरमीत राम रहीम! डेरा सच्चा सौदा प्रमुख के स्वागत की तैयारियां जोरों पर

Gurmeet Ram Rahim News : डेरा प्रमुख अपनी दो शिष्याओं से बलात्कार और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में जेल में बंद हैं और सजा काट रहे हैं. खबरों की मानें तो वो एक बार फिर जेल से बाहर आएंगे.

गुरमीत सिंह राम रहीम को लेकर एक बड़ी खबर सामने आ रही है. जी हां…बलात्कार और हत्या के दोषी और सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को 40 दिनों की पैरोल पूरी होने के दो महीने से भी कम समय बाद एक और पैरोल मिल गयी है. तीसरी बार पैरोल लेकर बरनावा आश्रम में आने की सूचना पर आश्रम में साफ-सफाई अभियान चलाकर तैयारियां तेज हो चुकी है.

नियमानुसार पैरोल दी गयी

दैनिक ट्रिब्यून वेबसाइट ने खबर दी है कि रोहतक के मंडलायुक्त संजीव वर्मा ने इस बात की पुष्टि की है. उन्होंने सुनारिया जेल में बंद डेरा प्रमुख को पैरोल दी है. वर्मा ने कहा है कि गुरमीत राम रहीम सिंह को नियमानुसार पैरोल दी गयी है. डेरा प्रमुख के जल्द ही रोहतक जिले की सुनारिया जेल से रिहा होने की संभावना है. रोहतक के पुलिस अधीक्षक (एसपी) उदय सिंह मीणा ने हालांकि कहा कि उन्हें अभी इस मामले के बारे में कोई जानकारी नहीं है.

क्यों मिली पैरोल

यहां चर्चा कर दें कि डेरा प्रमुख अपनी दो शिष्याओं से बलात्कार और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में जेल में बंद हैं और सजा काट रहे हैं. सूत्रों के हवाले से वेबसाइट ने खबर दी है कि बलात्कार और हत्या के दोषी डेरा प्रमुख ने पूर्व डेरा प्रमुख शाह सतनाम सिंह की जयंती में शामिल होने के लिए 40 दिन की पैरोल देने के लिए आवेदन किया था, जो 25 जनवरी को पड़ता है.

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कई तरह की चर्चा का बाजार गर्म

डेरा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को पैरोल दिये जाने पर कई तरह की चर्चा का बाजार गर्म है. उन्हें पिछले साल भी 40 दिन की पैरोल, 21 दिन की फर्लो और एक महीने की नियमित पैरोल दी गयी थी. 2022 को अधिसूचित हरियाणा अच्छे आचरण वाले कैदी (अस्थायी रिहाई) अधिनियम, 2022 के अनुसार, सजायाफ्ता कैदियों को एक कैलेंडर वर्ष में 10 सप्ताह के लिए नियमित पैरोल दिया जा सकता है, जिसे दो भागों में लिया जा सकता है. हालांकि, अधिकांश कैदियों को इतनी आसानी से और बार-बार पैरोल नहीं दिया जाता है, भले ही अदालतों और अन्य संबंधित अधिकारियों को पैरोल देने के अनुरोध की बहुत मात्रा में आयी हो.

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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