Gulmarg Cable Car Fault: रोपवे के 65 केबिन में 300 पर्यटक घंटों तक आसमान में फंसे रहे. लेकिन भारी बारिश के बाद भी सेना के जवान सभी को सुरक्षित बचाने में सफल रहे. कुछ केबिन जमीन से लगभग 500 फुट ऊपर थे. गुलमर्ग केबल कार सेवा, जिसे गंडोला के नाम से जाना जाता है, खराबी आने के बाद फौरन रोक दिया गया था.
पहले पांच घंटे में 179 पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया
दोपहर के आसपास रोवपे में खराबी आयी. जिसके बाद तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया. पहले पांच घंटों में 179 पर्यटकों को सुरक्षित निकाल लिया गया था. बचाव अभियान में राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के कर्मियों के साथ-साथ पुलिस और सेना भी शामिल थे.
उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री ने बचाव कार्य तेजी से चलाने का दिया था निर्देश
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) नलिन प्रभात को गुलमर्ग जाकर बचाव अभियान की निगरानी करने का निर्देश दिया था. मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भी कहा था सरकार स्थिति पर करीबी नजर रख रही है. उमर ने एक्स पर एक पोस्ट में बताया था, सभी केबिन सुरक्षित हैं और फंसे हुए पर्यटकों को सुरक्षित निकालने के लिए प्रशिक्षित टीम बचाव अभियान का संचालन कर रही हैं.
