बेहद खूबसूरत है गोवा का ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, जानें इसकी खासियत, मोदी कैबिनेट ने नाम को दी मंजूरी

गोवा के ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के रनवे पर एयरबस ए-380 जैसे बड़े जेट विमानों समेत कई अन्य प्रकार के जेट विमान भी उतर सकते हैं. एयरबस ए-380 दुनिया का सबसे बड़ा यात्री विमान है और एकमात्र पूर्ण लंबाई वाला डबल-डेक जेट विमान है.

गोवा का ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बेहद खूबसूरत है. 11 दिसंबर 2022 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तरी गोवा के मोपा में ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का उद्घाटन किया था. पूर्व रक्षा मंत्री एवं गोवा के चार बार मुख्यमंत्री रहे दिवंगत मनोहर पर्रिकर के नाम पर इस एयरपोर्ट का नामकरण किया गया है. इसकी मंजूरी केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने भी दे दी है.

पर्रिकर को श्रद्धांजलि के रूप में ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नामकरण किया गया

बैठक के बाद कहा गया, मनोहर पर्रिकर को श्रद्धांजलि के रूप में गोवा के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नामकरण ‘मनोहर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा- मोपा, गोवा’ करने को कार्योत्तर मंजूरी दे दी है.

क्या है मोपा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की खासियत

उत्तरी गोवा में नवनिर्मित मोपा ग्रीनफील्ड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एयरबस ए-380 जैसे बड़े जेट विमानों के भी परिचालन की क्षमता है.

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हवाई अड्डे का प्राथमिक रनवे 3,500 मीटर लंबा

प्रबंधन ने बताया, हवाई अड्डे का प्राथमिक रनवे 3,500 मीटर लंबा और 60 मीटर चौड़ा है. रनवे पूर्व-पश्चिम की ओर है. रनवे के अलावा 3,500 मीटर लंबा समानांतर टैक्सीवे बनाया गया है.

रनवे पर एयरबस ए-380 जैसे बड़े जेट विमान भी उतर सकते हैं

हवाईअड्डे के रनवे पर एयरबस ए-380 जैसे बड़े जेट विमानों समेत कई अन्य प्रकार के जेट विमान भी उतर सकते हैं. एयरबस ए-380 दुनिया का सबसे बड़ा यात्री विमान है और एकमात्र पूर्ण लंबाई वाला डबल-डेक जेट विमान है.

हवाई अड्डे के पास विमान संचालन के लिए दो रैपिड एग्जिट टैक्सीवे

भीड़भाड़ से बचने के लिए हवाई अड्डे के पास विमान संचालन के लिए दो रैपिड एग्जिट टैक्सीवे और छह क्रॉस टैक्सीवे भी हैं. हवाई अड्डा प्रबंधन ने बताया, इनमें से पांच पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज (पीबीबी) या एयरोब्रिज हैं और बाकी नौ रिमोट पार्किंग खंड हैं. यह विमानों की रात की पार्किंग की भी अनुमति देगा.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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