बद्रीनाथ धाम के पास ग्लेशियर टूटा, कोई हताहत नहीं, देखें तस्वीरें

Glacier Collapse In Chamoli: उत्तराखंड के चमोली जिले के बद्रीनाथ धाम के पास रविवार सुबह कुबेर भंडार शिखर से हिमस्खलन हुआ. जिससे कंचन गंगा का ऊपरी जलग्रहण क्षेत्र प्रभावित हुआ है.

Glacier Collapse In Chamoli: बद्रीनाथ मंदिर से लगभग दो किलोमीटर आगे हुई इस घटना में जान-माल की हानि नहीं हुई. अधिकारियों ने कहा कि हिमस्खलन से बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर कोई व्यवधान नहीं हुआ और बर्फ से ढकी चोटियों के आसपास ऐसी घटनाओं को सामान्य प्राकृतिक घटनाएं बताया.

ग्लेशियर के टुकड़ों से हाईवे के प्रभावित होने की कोई संभावना नहीं : चमोली SP

चमोली SP सुरजीत सिंह पवार ने कहा- सुबह करीब 10:00 बजे, कंचन गंगा नाले में ग्लेशियर टूटने की खबरें आईं, जिनके साथ एक वीडियो भी था. इस मामले में जांच की गई है. इस ग्लेशियर के टुकड़े पिछले कुछ समय से लगातार टूट रहे हैं; हालांकि, इलाके में बहुत गहरी खाई होने के कारण, ये टुकड़े वहीं जमा हो जाते हैं. कंचन गंगा नाला नीचे की ओर बहता है और बद्रीनाथ जाने वाले नेशनल हाईवे के बगल से गुज़रता है. लेकिन, चूंकि अभी बारिश नहीं हो रही है, इसलिए टूटे हुए ग्लेशियर के टुकड़ों से हाईवे के प्रभावित होने की कोई संभावना नहीं है; इसके अलावा, हमें ऐसी किसी भी तरह के असर की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है. हम स्थिति पर कड़ी नज़र रखे हुए हैं. जान-माल के किसी भी नुकसान की कोई रिपोर्ट नहीं है, और न ही हाईवे या तीर्थ यात्रा मार्ग में कोई रुकावट आई है.

बर्फ का विशाल ढेर घाटी क्षेत्र के भीतर ही रुक गया

चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने कहा, यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है और ऐसी घटनाएं समय-समय पर घटित होती रहती हैं. कुमार ने कहा कि हिमस्खलन मुख्य सड़क तक नहीं पहुंचा, क्योंकि बर्फ का विशाल ढेर घाटी क्षेत्र के भीतर ही रुक गया था. उन्होंने कहा कि क्षेत्र में यातायात और दैनिक जीवन पूरी तरह से अप्रभावित रहा.

सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही अफवाहों से बचें

जिलाधिकारी ने जनता से सोशल मीडिया और अन्य मंचों पर फैलाई जा रही अफवाहों को नजरअंदाज करने का आग्रह किया, साथ ही नागरिकों को प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक जानकारी पर ही भरोसा करने की सलाह दी. कुमार ने कहा, जिला प्रशासन लगातार इलाके की निगरानी कर रहा है.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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