'ऐसा वहीं संभव जहां लोकतंत्र नहीं', मल्लिकार्जुन खरगे को जी20 के डिनर का न्योता नहीं मिलने पर भड़के चिदंबरम

कांग्रेस नेता चिदंबरम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा कि मैं कल्पना नहीं कर सकता कि किसी अन्य लोकतांत्रिक देश की सरकार विश्व के नेताओं के लिए आयोजित राजकीय रात्रिभोज में विपक्ष के मान्यता प्राप्त नेता को आमंत्रित नहीं करे.

जी20 के डिनर की गेस्ट लिस्ट में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम शामिल नहीं है. मामले को लेकर विपक्ष केंद्र सरकार पर हमलावर हो गया है. अब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने प्रतिक्रिया दी है और मोदी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि ऐसा केवल उन देशों में हो सकता है, जहां कोई लोकतंत्र नहीं है या कोई विपक्ष नहीं है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि ‘‘इंडिया, जो कि भारत है’’ उस स्थिति में नहीं पहुंचा है, जहां लोकतंत्र और विपक्ष का अस्तित्व समाप्त हो जाएगा. आपको बता दें कि इससे पहले कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा था कि पार्टी प्रमुख खरगे को जी20 डिनर के लिए आमंत्रित नहीं किया गया है. उन्होंने आरोप लगाया था कि सरकार भारत की 60 प्रतिशत आबादी के नेता को महत्व नहीं देती.

कांग्रेस नेता चिदंबरम ने क्या कहा

कांग्रेस नेता चिदंबरम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर अपनी प्रतिक्रिया दी और लिखा कि मैं कल्पना नहीं कर सकता कि किसी अन्य लोकतांत्रिक देश की सरकार विश्व के नेताओं के लिए आयोजित राजकीय रात्रिभोज में विपक्ष के मान्यता प्राप्त नेता को आमंत्रित नहीं करे. ऐसा केवल उन्हीं देशों में हो सकता है, जहां लोकतंत्र नहीं है या विपक्ष नहीं है. उन्होंने आगे लिखा कि मुझे उम्मीद है कि ‘इंडिया, जो कि भारत है’ उस स्थिति में नहीं पहुंचा है, जहां लोकतंत्र और विपक्ष का अस्तित्व नहीं हो.

यहां चर्चा कर दें कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू जी20 शिखर सम्मेलन के आयोजन स्थल ‘भारत मंडपम’ में विश्व के नेताओं के लिए शनिवार को डिनर का आयोजन करेंगी. राहुल गांधी ने ब्रसेल्स स्थित ‘ब्रसेल्स प्रेस क्लब’ में मीडिया से बात की थी और कहा था कि सरकार के कदम उसकी सोच दर्शाते हैं.

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दो पूर्व प्रधानमंत्री, विपक्षी दलों के कुछ मुख्यमंत्री शामिल नहीं होंगे डिनर में

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और एच.डी. देवेगौड़ा शनिवार को वैश्विक नेताओं के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू की मेजबानी में आयोजित जी20 डिनर में ‘‘स्वास्थ्य कारणों’’ से शामिल नहीं होंगे. सूत्रों ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्रियों और विपक्ष शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों सहित अन्य को भव्य रात्रिभोज में आमंत्रित किया गया है. हालांकि, सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस शासित राज्यों कर्नाटक, छत्तीसगढ़ और राजस्थान के मुख्यमंत्रियों के उपस्थित होने की संभावना नहीं है.

डिनर के लिए की गई है खास व्यवस्था

यहां चर्चा कर दें कि मेहमानों के स्वागत से लेकर होटल में खाने-पीने तक हर जगह देसी टच दिया गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन, ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ऋषि सुनक समेत सभी बड़े वैश्विक नेताओं को सोने-चांदी के चमचमाते बरतन में मोटे अनाज जैसे- ज्वार, बाजरा, रागी से बनी डिश परोसी जायेंगी. इतना ही नहीं, विदेशी मेहमान मोटे अनाज से बने स्नैक्स का मजा देसी चाय के साथ उठायेंगे. 150 शेफ की टीम ने हिंदुस्तान के अलग-अलग हिस्सों के जायके इकट्ठा कर डिश तैयार की हैं. हालांकि, इसमें मेहमानों की पसंद का भी ध्यान रखा गया है.

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जी-20 की प्रथम महिलाओं और नेताओं के जीवनसाथियों को यहां आइएआरआइ के विशाल पूसा परिसर के दौरे के समय मोटे अनाज से जुड़े स्टार्टअप और सेलिब्रिटी शेफ के बने खाने के व्यंजनों का लुत्फ लेने का मौका मिलेगा. उनके पास कुणाल कपूर, अजय चोपड़ा और अनाहिता धोंडी सहित प्रसिद्ध सेलिब्रिटी शेफ द्वारा तैयार मोटे अनाज-आधारित दावत का जीवंत स्वाद लेने का एक अवसर होगा.

भाषा इनपुट के साथ

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Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

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