Free Helmets : बाइक खरीदने पर दो हेलमेट फ्री!

Free Helmets : बाइक खरीदने पर दो हेलमेट फ्री दिया जाएगा. इस योजना पर केंद्र सरकार काम कर रही है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने जानें क्या कहा? देखें वीडियो में.

Free Helmets : सड़क दुर्घटनाओं में दुपहिया वाहन सवारों की मौत का बड़ा कारण सिर में चोट लगना होता है. अक्सर हेलमेट न पहनने या खराब गुणवत्ता वाले हेलमेट  की वजह से मौत हो जाती है. इस समस्या को देखते हुए केंद्र सरकार अब बड़ा कदम उठाने जा रही है. सरकार वाहन निर्माता कंपनियों के साथ मिलकर दोपहिया वाहन के साथ दो फ्री हेलमेट देने की योजना पर काम कर रही है. केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने यह जानकारी दी. उन्होंने एक निजी चैनल के कार्यक्रम में ‘राहवीर योजना’ की भी चर्चा की, जो सड़क हादसों में घायलों को समय पर सहायता देने पर केंद्रित है. इसका वीडियों गडकरी ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर शेयर किया. देखें वीडियो

‘राहवीर योजना’ शुरू करने जा रही है सरकार

नितिन गडकरी ने कहा कि टू-व्हीलर खरीदने पर कंपनी वाहन के साथ आईएसआई मानक के दो हेलमेट मुफ्त देगी, ताकि लोग हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित हों. गडकरी ने बताया कि सरकार ‘राहवीर योजना’ शुरू करने जा रही है. इसके तहत यदि कोई व्यक्ति सड़क हादसे के बाद घायल को अस्पताल पहुंचाता है, तो उसे 25 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा.  साथ ही घायल व्यक्ति के इलाज के लिए सरकार सात दिन का खर्च या अधिकतम डेढ़ लाख रुपये देगी. इस योजना का उद्देश्य दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को समय पर इलाज देकर उसकी जान बचाना है.

यह भी पढ़ें : Earthquake : अमेरिका में जोरदार भूकंप, कुत्ते और हाथी सब भागने लगे, देखें वीडियो

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Amitabh Kumar

अमिताभ कुमार झारखंड की राजधानी रांची के रहने वाले हैं और पिछले कई वर्षों से पत्रकारिता की दुनिया में सक्रिय हैं. डिजिटल न्यूज में अच्छी पकड़ है और तेजी के साथ सटीक व भरोसेमंद खबरें लिखने के लिए जाने जाते हैं. वर्तमान में अमिताभ प्रभात खबर डिजिटल में नेशनल और वर्ल्ड न्यूज पर फोकस करते हैं और तथ्यों पर आधारित खबरों को प्राथमिकता देते हैं. हरे-भरे झारखंड की मिट्टी से जुड़े अमिताभ ने अपनी शुरुआती पढ़ाई जिला स्कूल रांची से पूरी की और फिर Ranchi University से ग्रेजुएशन के साथ पत्रकारिता की पढ़ाई की. पढ़ाई के दौरान ही साल 2011 में रांची में आयोजित नेशनल गेम को कवर करने का मौका मिला, जिसने पत्रकारिता के प्रति जुनून को और मजबूत किया.1 अप्रैल 2011 से प्रभात खबर से जुड़े और शुरुआत से ही डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय रहे. खबरों को आसान, रोचक और आम लोगों की भाषा में पेश करना इनकी खासियत है. डिजिटल के साथ-साथ प्रिंट के लिए भी कई अहम रिपोर्ट कीं. खासकर ‘पंचायतनामा’ के लिए गांवों में जाकर की गई ग्रामीण रिपोर्टिंग करियर का यादगार अनुभव है. प्रभात खबर से जुड़ने के बाद कई बड़े चुनाव कवर करने का अनुभव मिला. 2014, 2019 और 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ झारखंड विधानसभा चुनावों (2014, 2019 और 2024) की भी ग्राउंड रिपोर्टिंग की है. चुनावी माहौल, जनता के मुद्दे और राजनीतिक हलचल को करीब से समझना रिपोर्टिंग की खास पहचान रही है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >