नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ का असर अब भारत तक दिखाई दे रहा है. उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में गंडक नदी से तीन शव बरामद किए गए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, आशंका है कि ये शव नेपाल में आई बाढ़ के तेज बहाव के साथ बहकर भारतीय क्षेत्र में पहुंचे.
मृतकों की नहीं हो पाई है पहचान
तीनों शव शुक्रवार को कुशीनगर के खड्डा इलाके के मदनपुर-सुकरौली क्षेत्र में बैराज के पियर नंबर-3 के पास नदी में दिखाई दिए. राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की निगरानी टीम ने शवों को नदी में बहते देखा, जिसके बाद उन्हें बाहर निकाला गया. फिलहाल मृतकों की पहचान नहीं हो सकी है.
अधिकारियों ने शवों की पहचान के लिए नेपाल के सीमावर्ती जिलों के प्रशासन से भी संपर्क किया है. यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि क्या ये शव नेपाल में बाढ़ के बाद लापता हुए लोगों के हैं.
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सिर्फ शव ही नहीं, मलबा भी बहकर आया
अधिकारियों के मुताबिक, गंडक नदी में वाहन, घरेलू सामान, गैस सिलेंडर, ड्रम, फर्नीचर और लकड़ियां समेत कई तरह का मलबा भी बहता हुआ देखा गया है. नेपाल में 26 अगस्त को भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ का पानी आगे चलकर त्रिशूली और गंडक नदी तंत्र में पहुंचा, जिससे डाउनस्ट्रीम इलाकों में भी असर पड़ा.
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गंडक नदी में निगरानी बढ़ा दी गई
कुशीनगर प्रशासन ने गंडक नदी और उसके किनारे के संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ा दी है. पुलिस, SDRF और प्रशासन की टीमें लगातार हालात पर नजर रख रही हैं.
इससे पहले पड़ोसी महराजगंज जिले में भी नेपाल से बहकर आने की आशंका वाले शव बरामद हुए थे. यानी नेपाल की बाढ़ का असर अब सिर्फ सीमा पार बढ़े नदी के जलस्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि तेज बहाव के साथ शव और मलबा भी भारतीय क्षेत्र तक पहुंच रहा है.
