FCRA Violation: देश में करीब 40 ठिकानों पर CBI की रेड, HM के अधिकारी, NGO प्रतिनिधियों के खिलाफ कार्रवाई

FCRA Violation: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) विदेशी चंदा प्राप्त करने में नियमों का कथित तौर पर उल्लंघन कराने के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों, गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के प्रतिनिधियों तथा बिचौलियों के खिलाफ देशभर में व्यापक अभियान चला रहा है.

FCRA Violation: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) विदेशी चंदा प्राप्त करने में नियमों का कथित तौर पर उल्लंघन कराने के मामले में केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधिकारियों, गैर-सरकारी संगठनों (NGO) के प्रतिनिधियों तथा बिचौलियों के खिलाफ देशभर में व्यापक अभियान चला रहा है.

40 जगहों पर सीबीआई की रेड

अधिकारियों ने मंगलवार इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि विदेशी अभिदाय (विनियमन) अधिनियम के कथित उल्लंघन के मामले में दिल्ली, चेन्नई, हैदराबाद, कोयंबटूर, मैसूर और राजस्थान में कुछ स्थानों के समेत करीब 40 जगहों पर समन्वित अभियान चल रहा है.

जांच के दौरान सामने आई ये बात

अधिकारियों ने बताया कि अभियान के दौरान पता चला कि गृह मंत्रालय के अनेक अधिकारियों, एनजीओ के प्रतिनिधियों और बिचौलियों ने एफसीआरए, 2010 का उल्लंघन करते हुए विदेशी अनुदान प्राप्त कराने के लिए पैसों का लेनदेन किया. उन्होंने कहा कि अभी तक एजेंसी ने मामले के सिलसिले में गृह मंत्रालय के अधिकारियों और एनजीओ के प्रतिनिधियों समेत करीब छह लोगों को गिरफ्तार किया है। उन्होंने बताया कि अभियान में अभी तक दो करोड़ रुपये के हवाला लेनदेन का पता चला है.

अभी तक कोई भी वरिष्ठ अधिकारी इस मामले से जुड़ा नहीं पाया गया

एजेंसी संभावित मनी लॉन्ड्रिंग के नजरिए से भी जांच कर रही है. शिकायत के अनुसार, विदेशी डिवीजन में निचले स्तर के अधिकारियों को रिश्वत का भुगतान किया गया था, जो एफसीआरए मंजूरी से संबंधित है. बिचौलियों ने गैर सरकारी संगठनों से पैसा लिया, जिन्हें एफसीआरए मंजूरी से वंचित कर दिया गया था और सरकारी अधिकारियों को उन्हें स्वीकृत लाइसेंस प्रदान करने के लिए भुगतान किया था. अभी तक कोई भी वरिष्ठ अधिकारी इस मामले से जुड़ा नहीं पाया गया है.

एफसीआरए क्या है?

विदेशी फंडिंग प्राप्त करने के लिए सभी एनजीओ को विदेशी योगदान (विनियमन) अधिनियम या एफसीआरए के तहत रजिस्टर्ड होना अनिवार्य है. सरकार के एफसीआरए दिशानिर्देशों के अनुसार, सभी पंजीकृत संगठनों को वित्तीय वर्ष बंद होने के 9 महीने के भीतर प्रत्येक वित्तीय वर्ष के लिए आय और व्यय विवरण, रसीद और भुगतान खाता, बैलेंस शीट आदि की एक ऑनलाइन वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत करना आवश्यक है.

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