Farmers Protest: शंभू बॉर्डर पर बैठे किसानों के मुद्दे पर तुरंत सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट का इनकार

Farmers Protest: शंभू बॉर्डर पर बैठे किसानों के मुद्दे पर सुनवाई से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया.

Farmers Protest: सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब में राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर अवरोधों को तत्काल हटाने की मांग को लेकर दायर याचिका पर सुनवाई करने से साफ इनकार कर दिया. जस्टिस सूर्यकांत और मनमोहन की पीठ ने कहा, इसी मुद्दे पर उसके समक्ष पहले से ही एक जनहित याचिका लंबित है और मामले में कुछ पहल की गई है.

याचिका में क्या की गई थी मांग?

याचिकाकर्ता गौरव लूथरा ने अपनी याचिका में कहा था कि कोर्ट केंद्र समेत पंजाब और हरियाणा सरकार को हाईवे खोलने का आदेश दे. साथ ही राष्ट्रीय राजमार्गों को खाली कराने का निर्देश दे. याचिकाकर्ता ने कहा, बॉर्डर बंद करना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है.

याचिकाकर्ता ने कानूनी कार्रवाई की मांग की थी

याचिकाकर्ता ने अपनी याचिका में शंभू बॉर्डर समेत सभी बॉर्डरों को खाली कराने का निर्देश देने की मांग की थी. याचिका में कहा गया था कि बॉर्डर बंद करना मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है. साथ ही ये नेशनल हाइवे एक्ट और BNS के तहत भी अपराध है. याचिकाकर्ता ने हाईवे जाम करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की थी.

किसानों का दिल्ली कूच स्थगित

शंभू बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हजारों किसानों ने सोमवार को दिल्ली कूच का प्लान तैयार किया था. करीब 101 किसानों का जत्था पैदल ही दिल्ली की ओर रवाना हुआ, लेकिन उन्हें रोक दिया गया. सुरक्षा बलों ने पहले किसानों को चाय, बिस्किट पूछकर लौट जाने की अपील की, फिर नहीं माते तो आंसू गैस के गोले दागे. जिसमें कुछ सुरक्षा बल घायल भी हुए. जिसके बाद किसानों ने दिल्ली कूच का इरादा छोड़ दिया.

किसानों के विरोध प्रदर्शन पर क्या बोले कांग्रेस नेता

किसानों के विरोध प्रदर्शन पर कांग्रेस सांसद और पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने कहा, किसान सिर्फ यही मांग रहे हैं – एमएसपी पर कानूनी गारंटी। लेकिन केंद्र का व्यवहार ठीक नहीं है, किसानों पर लाठीचार्ज कर रहे हैं और उन्हें दिल्ली नहीं जाने दे रहे हैं. हमारे नेता राहुल गांधी ने भी एमएसपी पर कानूनी गारंटी का मामला उठाया है. अगर हमें मौका मिला तो हम संसद में शून्यकाल या प्रश्नकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाएंगे.”

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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