महाराष्ट्र: कम बारिश से फसल नुकसान होने पर भी किसानों को मिलेगा मुआवजा, एकनाथ शिंदे सरकार ने की बड़ी घोषणा

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा, हमारी सरकार ने किसानों को राहत देते की घोषणा की है. यह सरकार किसानों की और गरीबों की सरकार है. इससे पहले की महाविकास अघाड़ी सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया.

महाराष्ट्र की एकनाथ शिंदे और बीजेपी गठबंधन की सरकार ने राज्य के किसानों को बड़ी राहत देते हुए बड़ी घोषणा की है. अब तक किसानों को केवल अधिक बारिश होने से फसल बर्बाद होने पर ही मुआवजा दिया जाता था. लेकिन अब राज्य के किसानों को कम बारिश होने पर फसलों के नुकसान पर भी मुआवजा दिया जाएगा.

किसानों को दिये जायेंगे 1500 करोड़ रुपये : शिंदे

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किसानों को राहत देते हुए कहा, अभी तक सरकार की तरफ से भारी बारिश में हुई फसलों के नुकसान का मुआवजा तो दिया जाता था, लेकिन कम बारिश में खराब हुई फसलों का कोई मुआवजा नहीं दिया जाता था. लेकिन अब हमारी सरकार ने तय किया है कि कम बारिश से खराब हुई फसल की भरपाई के लिए किसानों को 1500 करोड़ रुपए दिए जाएंगे.

एकनाथ शिंदे ने कहा यह किसानों की सरकार है

मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा, हमारी सरकार ने किसानों को राहत देते की घोषणा की है. यह सरकार किसानों की और गरीबों की सरकार है. इससे पहले की महाविकास अघाड़ी सरकार ने किसानों के साथ धोखा किया, उनसे जो वादा किया था, उसे पूरा नहीं किया.

Also Read: Maharashtra Politics: शिवसेना-बीजेपी भविष्य में एक साथ लड़ेंगी चुनाव, एकनाथ शिंदे ने किया ऐलान

इसी साल अप्रैल में किसानों को 63.1 करोड़ रुपये दिये गये थे मुआवजे

गौरतलब है कि इसी साल अप्रैल में महाराष्ट्र सरकार ने 70 हजार से अधिक किसानों को मुआवजे के रूप में 63.1 करोड़ रुपये दिये थे. वैसे किसानों को राहत दी गयी थी, जिनके फलल बारिश और ओलावृष्टि में खराब हो गये थे.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials) अरबिंद शैक्षणिक रूप से भी पत्रकारिता और क्षेत्रीय विषयों के गहरे जानकार हैं:

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >