किसान नेताओं ने दिल्ली हिंसा के पीछे दीप सिद्धू और केंद्रीय एजेंसियों का हाथ बताया

नयी दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए हिंसा के लिए किसान नेताओं और विपक्षी दलों से जुड़े लोगों ने किसान मजदूर संघर्ष समिति और दीप सिद्धू को दोषी ठहराया है. साथ ही किसानों के संघर्ष को बदनाम करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों पर आरोप लगाया है.

By Prabhat Khabar Digital Desk | January 27, 2021 8:41 AM

नयी दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में हुए हिंसा के लिए किसान नेताओं और विपक्षी दलों से जुड़े लोगों ने किसान मजदूर संघर्ष समिति और दीप सिद्धू को दोषी ठहराया है. साथ ही किसानों के संघर्ष को बदनाम करने के लिए केंद्रीय एजेंसियों पर आरोप लगाया है.

संयुक्त किसान मोर्चा के सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में बेकाबू हालात की नींव सोमवार की देर शाम ही पड़ गयी थी, जब लखा सिधाना ने संयुक्त मोर्चा मंच की कमान संभाली थी. वे पहले से नियोजित लालकिले की ओर जाने की बातें कर रहे थे.

भारतीय किसान यूनियन के हरियाणा के नेता गुरनाम सिंह चारुनी ने युवाओं को गुमराह कर लाल किले में ले जाने के लिए दीप सिद्धू पर आरोप लगाते हुए केंद्र सरकार का दलाल बताया है. उन्होंने कहा है कि किसानों का आंदोलन धार्मिक नहीं था. साथ ही उन्होंने कहा कि यह भविष्य में भी ऐसा ही रहेगा.

किसान नेता चारुनी ने वीडियो जारी करते हुए लोगों को दीप सिद्धू से सावधान रहने को कहा है. उन्होंने किसान आंदोलन को धार्मिक रंग देने का आरोप लगाते हुए घटना की निंदा की है. उन्होंने कहा कि दीप सिद्धू ने जो किया, हम उसकी कड़े शब्दों में निंदा करते हैं. हर बार, वह किसान नेताओं के खिलाफ बोला है. उन्हें गुमराह करता है. आज जो कुछ किया, वह बेहद निंदनीय है. साथ ही कहा कि हमने लाल किला जाने के लिए आवाज नहीं दी थी.

किसान नेता सरदार राजिंदर सिंह ने दिल्ली में हिंसा के लिए केंद्रीय एजेंसियों को दोषी ठहराया है. साथ ही बॉलीवुड अभिनेता दीप सिद्धु की भूमिका पर सवाल उठाये हैं. वहीं, भारतीय किसान यूनियन एकता उग्राहन के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उग्राहन ने कहा है कि ”हमने उस मार्ग का अनुसरण किया, जो किसान मोर्चा और दिल्ली पुलिस द्वारा तय किया गया था. मैं लाल किले में हुई दुर्भाग्यपूर्ण घटनाओं की निंदा करता हूं और दुखी हूं.”

https://twitter.com/Bkuektaugrahan/status/1354117403379023872

भारतीय किसान यूनियन के नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा है कि ”मैंनें पहले ही कहा था कि अगर हम शांतिपूर्ण रहेंगे, तो जरूर जीतेंगे. लेकिन, अगर हम हिंसा के रास्ते आगे बढ़ते हैं, तो हम जीत नहीं सकते हैं. अब जो लोग किसानों को गलत रास्ते पर ले गये हैं, वे सब इसके लिए जिम्मेदार हैं. हम आत्मनिरीक्षण करेंगे कि यह क्यों और कैसे हो गया.”

इधर, दिल्ली कांग्रेस के वाइस प्रेसिडेंट अभिषेक दत्त ने भी दीप सिद्धू पर निशाना साधते हुए ट्वीट कर कहा है कि ”शांतिपूर्ण किसानों के विरोध के लिए इतनी बदसूरत आकृति देने के लिए दीप सिद्धू को धन्यवाद. कुछ आपके स्वामी वास्तव में सराहना करेंगे. आपको कॉर्पोरेट समूहों से अपनी फिल्मों के लिए धन प्राप्त हो सकता है.”

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