किसान नेता डल्लेवाल का 40 दिनों से जारी है आमरण अनशन, SC कमेटी ने की मुलाकात

Farmer leader Jagjit Singh Dallewal hunger strike: किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल कई मांगों को लेकर पिछले 40 दिनों से आमरण अनशन में बैठे हैं. उनकी स्थिति लगातार खराब होती जा रही है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट की एक कमेटी ने सोमवार को उनसे मुलाकात की.

Farmer leader Jagjit Singh Dallewal hunger strike: आमरण अनशन पर बैठे किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल से सोमवार को सुप्रीम कोर्ट की ओर से गठित समिति ने भेंट की. समिति ने किसान नेता से चिकित्सा सहायता लेने की अपील की. संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के संयोजक डल्लेवाल फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी सहित किसानों की कई मांगों को लेकर 26 नवंबर 2024 से आमरण अनशन पर हैं.

जस्टिस (रिटायर) नवाब सिंह की अगुआई में बनी है समिति

सुप्रीम कोर्ट ने जस्टिस (रिटायर) नवाब सिंह की अगुआई में समिति गठित की है. जिसमें भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के सेवानिवृत्त अधिकारी बी एस संधू, कृषि विशेषज्ञ देविंदर शर्मा, प्रोफेसर रंजीत सिंह घुमन और पंजाब कृषि विश्वविद्यालय के कृषि अर्थशास्त्री डॉ सुखपाल सिंह भी शामिल हैं.

किसान नेता से मुलाकात में क्या बनी बात?

आमरण अनशन में बैठे किसान नेता से मुलाकात के बाद जिस्टिस नवाब सिंह ने कहा, ‘‘हम वाहेगुरु से प्रार्थना करते हैं कि वह स्वस्थ रहें.’’ संवाददाताओं ने उनसे पूछा कि क्या डल्लेवाल ने चिकित्सा सहायता लेने पर हामी भर दी है. तो उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी ने उनसे कई बार चिकित्सा सहायता के लिए अनुरोध किया. हम चाहते हैं कि उनका स्वास्थ्य अच्छा रहें.’’ मैंने उनसे यह भी कहा कि जब भी वह कहेंगे, हम यहां मौजूद रहेंगे.’’ किसान नेता ने समिति से कहा – उनके लिए कृषि पहले है और उनका स्वास्थ्य बाद में.

पिछले साल 13 फरवारी से आंदोलन कर रहे हैं किसान

पिछले साल 13 फरवरी से संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) और किसान मजदूर मोर्चा के बैनर तले किसान शंभू और खनौरी बॉर्डर पर डेरा डाले हुए हैं. पिछले साल 13 फरवरी को सुरक्षा बलों ने उन्हें दिल्ली कूच करने से रोक दिया था.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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