2025 तक 87% भारतीयों को हो जाएगा कैंसर? जानें वायरल मैसेज का सच

कैंसर को लेकर खबर वायरल होने के बाद पीआईबी फैक्ट चेक की टीम ने इसकी पड़ताल की और पाया कि वायरल मैसेज फर्जी है. पीआईबी की टीम ने बताया कि यह दावा फर्जी है. डब्ल्यूएचओ ने ऐसी कोई भी एडवाइजरी जारी नहीं की है.

सोशल मीडिया में इस समय एक ऐसी खबर वायरल हो रही है, जिसे पढ़ने के बाद हर कोई दहशत में है. दरअसल वायरल खबर में दावा किया जा रहा है कि 8 साल में 87 फीसदी भारतीय कैंसर से पीड़ित हो जाएंगे. वायरल खबर को विश्व स्वास्थ्य संगठन के हवाले से चलाया जा रहा है. आइये इस वायरल खबर की सत्यता की पड़ताल करें.

कैंसर को लेकर वायरल खबर में क्या किया जा रहा दावा

सोशल मीडिया में जो खबर तेजी से वायरल हो रही है, उसमें लिखा गया है कि डब्ल्यूएचओ ने एडवाइजरी जारी कर कहा है कि 2025 तक 87 फीसदी भारतीय कैंसर के शिकार हो सकते हैं. आगे दावा किया गया है कि स्वास्थ्य संगठन ने अपनी एडवाइजरी में कहा है कि भारत के बाजारों में बिक रहे दूध में भारी मिलावट है. इस दूध को पीने से कैंसर का खतरा है. वायरल खबर में आगे लिखा गया कि अगर आने वाले दिनों में इसपर नियंत्रण नहीं किया गया, तो भारत में बड़ी आबादी कैंसर की चपेट में आ जाएगी. भारत में बिकने वाला 68 फीसदी से अधिक दूध मिलावटी है.

क्या है वायरल मैसेज का सच

कैंसर को लेकर खबर वायरल होने के बाद पीआईबी फैक्ट चेक की टीम ने इसकी पड़ताल की और पाया कि वायरल मैसेज फर्जी है. पीआईबी की टीम ने बताया कि यह दावा फर्जी है. डब्ल्यूएचओ ने ऐसी कोई भी एडवाइजरी जारी नहीं की है.

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WHO ने दूध से कैंसर होने वाले दावे का किया खंडन

WHO ने बयान जारी कर दूध से कैंसर होने वाली वायरल खबर का खंडन किया. लेटर जारी कर विश्व स्वास्थ्य संगठन ने लिखा, मीडिया के एक वर्ग में दूध में मिलावट को लेकर जो खबर चल रही है, उसके बारे में साफ करना चाहेंगे कि भारत सरकार को दूध/दूध उत्पादों में मिलावट के मुद्दे पर कोई परामर्श जारी नहीं किया गया है.

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लेखक के बारे में

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभालने के साथ-साथ एक पूरी शिफ्ट का नेतृत्व (Shift Lead) भी कर रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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