14.2 KG वाले LPG सिलेंडर को 10 KG में बदलने का क्या है सच? सरकार का बयान आया सामने

Fact Check: देशभर में गैस संकट के बीच मीडिया में एक खबर तेजी से फैल रही है. जिसमें दावा किया जा रहा है कि सरकार 14.2 किलो वाले एलपीजी सिलेंडर को 10 किलो में बदलने की तैयारी कर रही है. लेकिन इस खबर पर सरकार का आधिकारिक बयान सामने आ चुका है.

Fact Check: 14.2 KG वाले घरेलू LPG सिलेंडर को 10 KG वाले LPG सिलेंडरों में बदलने की खबर को सरकार ने फर्जी करार दिया. पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा- यह पूरी तरह से अटकलबाजी है. किसी भी अटकल पर कोई टिप्पणी या स्पष्टीकरण नहीं दिया जा सकता. अफवाहों पर विश्वास न करें.

LPG की घबराहट में की जाने वाली बुकिंग कम हुई

संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा- पिछले तीन हफ्तों में लगभग 3.5 लाख घरेलू और कमर्शियल PNG कनेक्शन दिए गए हैं या चालू किए गए हैं. LPG की सप्लाई अभी भी चिंता का विषय बनी हुई है, लेकिन LPG डिस्ट्रीब्यूटरशिप पर कोई कमी नहीं है. LPG की घबराहट में की जाने वाली बुकिंग कम हो गई है, और डिलीवरी सामान्य है.

राज्यों को कमर्शियल LPG 50% आवंटित

कमर्शियल LPG को लेकर भी राहत की खबर है. केंद्र सरकार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को 50 प्रतिशत आवंटित कर रही है. भारत सरकार ने राज्य सरकारों से अनुरोध किया है कि वे इस आवंटन में रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल, इंडस्ट्रियल कैंटीन, फ़ूड प्रोसेसिंग, डेयरी यूनिट, राज्य सरकार या स्थानीय निकायों द्वारा चलाए जाने वाले रियायती कैंटीन या फूड आउटलेट, कम्युनिटी किचन और प्रवासी मजदूरों के लिए पांच किलोग्राम FTL को शामिल करें.

एलपीजी लेकर दो और जहाज आ रहा भारत

घरेलू गैस को लेकर अफरा-तफरी के हालात के बीच एक राहत देने वाली खबर भी है. भारतीय ध्वज वाले दो और एलपीजी टैंकर फारस की खाड़ी से आगे बढ़ना शुरू कर चुके हैं. जहाज होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारतीय बंदरगाहों की ओर बढ़ेंगे. सरकार ने बताया- एलपीजी टैंकर पाइन गैस और जग वसंत सोमवार दोपहर को ईरान के लारक और क्वेशम द्वीपों के बीच के जलक्षेत्र के पास थे. दोनों एक-दूसरे के करीब चल रहे हैं.

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लेखक के बारे में

Published by: Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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