रेलवे मंत्रालय की ओर से शनिवार को स्पष्ट तौर पर कह दिया गया है कि 17 मई तक यात्री ट्रेनें नहीं चलेंगी. मंत्रालय ने अपने ट्विटर वॉल पर लिखा कि सर्वसंबंधित को सूचित किया जाता है कि भारतीय रेल ने उपनगरीय ट्रेनों सहित सभी नियमित यात्री ट्रेनों के रद्द करने की प्रक्रिया को 17 मई 2020 तक बढ़ा दिया है. इस दौरान टिकट बुक करने या ट्रेन से यात्रा करने के उद्देश्य से कोई भी व्यक्ति किसी भी रेलवे स्टेशन पर न पहुंचे.
इससे पहले रेलवे ने शुक्रवार को कहा कि उसकी सभी यात्री रेल सेवाएं 17 मई तक स्थगित रहेंगी. इस दौरान हालांकि बंद के कारण फंसे प्रवासियों और अन्य लोगों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिये विशेष ट्रेनों का संचालन किया जाएगा. रेलवे ने एक बयान में कहा, “कोविड-19 के मद्देनजर उठाये गये कदमों को जारी रखते हुए यह फैसला लिया गया है कि भारतीय रेलवे की सभी यात्री ट्रेन सेवाओं का संचालन 17 मई 2020 तक रद्द रहेगा. हालांकि, विभिन्न स्थानों पर फंसे हुए प्रवासी कामगारों, तीर्थयात्रियों, पर्यटकों, छात्रों और अन्य लोगों की आवाजाही ‘श्रमिक विशेष ट्रेन’ के माध्यम से सुनिश्चित की जाएगी जैसा की राज्य सरकारों की जरूरत हो.
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इस दौरान गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन किया जाएगा.” इसमें कहा गया कि मालगाड़ियों का संचालन अभी की तरह जारी रहेगा. आपको बता दें कि सरकार ने शुक्रवार को लॉकडाउन 17 मई तक बढ़ाने की घोषणा की है.
लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए राज्यों से किराया लेगा रेलवे
इधर भारतीय रेलवे कोरोना वायरस महामारी की रोकथाम के लिए लागू किये गये लॉकडाउन के दौरान श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों से प्रवासी मजदूरों को लाने के लिए राज्य सरकारों से किराया लेगा. इस संबंध में शुक्रवार को जारी एक आदेश में कहा गया कि किराये में शयनयान श्रेणी के टिकट की कीमत, 30 रुपये का सुपरफास्ट शुल्क और प्रति यात्री भोजन तथा पानी के लिए 20 रुपये शामिल होंगे. रेलवे ने एक महीने से अधिक समय तक यात्री रेल सेवाओं के बंद करने के बाद अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के दिन शुक्रवार को प्रवासी मजदूरों, छात्रों और अन्य लोगों के लिए छह श्रमिक विशेष रेलगाड़ियों की घोषणा की. ये लोग लॉकडाउन के चलते अलग-अलग स्थानों पर फंसे हुए हैं.
