EPFO के नए सिस्टम पर सवाल, लाखों PF क्लेम 20 दिन से ज्यादा लंबित होने का दावा

EPFO के नए केंद्रीकृत IT-सक्षम सिस्टम (CITES) के लॉन्च होने के कुछ ही हफ्तों बाद विवादों में घिर गया है. ईपीएफओ अधिकारियों का दावा है कि लाखों पीएफ क्लेम 20 दिनों से अधिक समय तक अटके रहे हैं, जबकि सिस्टम का उद्देश्य केवल 2-3 दिनों में निपटारा करना था.

EPFO New Systems: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) का नया केंद्रीकृत आईटी-सक्षम सिस्टम (CITES) लॉन्च होने के कुछ ही हफ्तों बाद विवादों में आ गया है. ईपीएफओ अधिकारियों के संगठन (EPFOA) ने दावा किया है कि नई व्यवस्था के कारण लाखों पीएफ क्लेम 20 दिनों से अधिक समय तक लंबित पड़े हैं, जबकि सिस्टम का उद्देश्य दावों का निपटारा महज 2–3 दिनों में करना था.

20 दिनों से अधिक समय तक अटके रहे ऑटो-क्लेम

EPFOA ने श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया को लिखे पत्र में आरोप लगाया है कि नई प्रणाली पर बढ़ते दबाव के चलते देशभर के फील्ड अधिकारियों को बढ़ते लंबित दावों से निपटने के लिए अपने हाल पर छोड़ दिया गया है. संगठन का कहना है कि नई प्रणाली से उम्मीद थी कि अधिकांश दावों का स्वचालित और तेज निपटारा होगा, लेकिन इसके विपरीत बड़ी संख्या में ऑटो-क्लेम 20 दिनों से अधिक समय तक सिस्टम में अटके रहे. पत्र में यह भी कहा गया कि न तो फील्ड कार्यालयों को और न ही सदस्यों को इस देरी का कोई स्पष्ट कारण बताया गया.

स्थिति को सामान्य करने के प्रयास जारी

हालांकि, EPFO ने इन आरोपों को खारिज किया है. संगठन का कहना है कि नए प्लेटफॉर्म पर माइग्रेशन के दौरान सेवाओं में न्यूनतम व्यवधान रहा और लंबित मामलों में आई अस्थायी बढ़ोतरी केवल नए एंटरप्राइज-स्तरीय सिस्टम में बदलाव की वजह से हुई. EPFO के अनुसार, स्थिति को सामान्य करने के प्रयास जारी हैं.

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नई प्रणाली CITES को जुलाई की शुरुआत में इस उद्देश्य से शुरू किया गया था कि PF सदस्यों को तेज़, पारदर्शी और स्वचालित क्लेम निपटान की सुविधा मिल सके. हालांकि, अधिकारियों के संगठन के दावों ने इसके शुरुआती प्रदर्शन पर सवाल खड़े कर दिए हैं.


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लेखक के बारे में

By दीपक कुमार गुप्ता

दीपक कुमार गुप्ता 'प्रभात खबर डिजिटल' में कंटेंट राइटर हैं. इससे पहले वे 'ईटीवी भारत' में करीब ढाई साल तक कार्यरत रहे. उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से पत्रकारिता की पढ़ाई की है. 2021 से वे पत्रकारिता से जुड़े हैं और इस दौरान 'न्यूज प्लस', 'अंतर्कथा विजन न्यूज' और 'पब्लिक ऐप' के साथ भी काम कर चुके हैं.

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