'माय डियर फ्रेंड, थैंक्यू...', गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि बनाये जाने पर राष्ट्रपित मैक्रों की प्रतिक्रिया

गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के भारत के निमंत्रण फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने शुक्रिया कहा है. उन्होंने पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि भारत के गणतंत्र दिवस पर मैं आपके साथ जश्न मनाने के लिए यहां रहूंगा.

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने 26 जनवरी 2024 को गणतंत्र दिवस समारोह में बतौर मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने के भारत के निमंत्रण पर शुक्रिया कहा है. गणतंत्र दिवस समारोह में अब अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन की बजाय फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे. इसी के साथ मैक्रों छठे फ्रांसीसी नेता बन जाएंगे जिन्हें भारत ने यह सम्मान दिया है. विदेश मंत्रालय ने कहा कि मैक्रों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निमंत्रण पर भारत की यात्रा पर आएंगे. भारत ने इस अवसर पर अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन को आमंत्रित किया था, लेकिन उन्होंने जनवरी, 2024 में यहां आने में असमर्थता जतायी थी.

राष्ट्रपति मैक्रों ने कहा शुक्रिया

अपने सोशल मीडिया एक्स (ट्वीटर)पर फ्रांस के राष्ट्रपति ने पीएम मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि, ‘मेरे प्रिय मित्र नरेंद्र मोदी भारत, आपके गणतंत्र दिवस पर मैं आपके साथ जश्न मनाने के लिए यहां रहूंगा.’ उन्होंने कहा कि आपके निमंत्रण के लिए धन्यवाद. इसी को लेकर विदेश मंत्रालय की ओर से एक बयान में कहा गया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के न्योते पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों 75 वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि के तौर पर भारत आएंगे.

भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ

विदेश मंत्रालय ने अपने एक बयान में यह भी कहा कि रणनीतिक साझेदार के रूप में भारत और फ्रांस कई क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर उच्च स्तर पर समान रुख साझा करते हैं. इस साल भारत-फ्रांस रणनीतिक साझेदारी की 25वीं वर्षगांठ भी मना रहे हैं. बता दें, इससे पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इसी साल 14 जुलाई को पेरिस में आयोजित बैस्टिल डे परेड में सम्मानित अतिथि के रूप में भाग लिया था. वहीं, राष्ट्रपति मैक्रों जी-20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने भारत आये थे.

गौरतलब है कि इस दौरान भारत और फ्रांस के बीच रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, व्यापार और निवेश समेत कई और क्षेत्रों में बातचीत और आगे बढ़ सकती है. वहीं रक्षा मंत्रालय ने जुलाई महीने में ही फ्रांस से 26 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने को मंजूरी दी थी. राष्ट्रपति मैक्रों गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होने वाले छठे फ्रांसीसी नेता होंगे.

भाषा इनपुट से साभार

Also Read: आतंकियों के लिए जम्मू -कश्मीर के घने जंगल बन गये हैं सुरक्षित पनाहगाह!

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Author: Pritish Sahay

प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >