Eid Al Adha: देशभर में मनाया जा रहा ईद-उल-अजहा, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने दी बधाई

Eid Al Adha: देशभर में ईद-उल-अजहा का का पर्व मनाया जा रहा है. सुबह से ही लोग मस्जिद में नमाज अदा कर रहे हैं.

Eid Al Adha: ईद-उल-अजहा के अवसर पर सोमवार को सुबह से ही नमाज अदा करने के लिए जामा मस्जिद में भारी संख्या में लोग जुटे. इस मौके पर जामा मस्जिद में बच्चे एक-दूसरे को बधाई देते नजर आए. मुंबई के माहिम की मखदूम अली माहिमी मस्जिद में भी नमाज अदा की जा रही है. नोएडा उत्तर प्रदेश के जामा मस्जिद में भी नमाज अदा की जा रही है.

राष्ट्रपति मुर्मू ने लोगों को दी बधाई

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने रविवार को ईद-उल-अजहा की पूर्व संध्या पर लोगों को बधाई दी और सभी से देश के विकास और कल्याण के लिए मिलकर काम करने को कहा. मुर्मू ने कहा कि यह त्योहार त्याग और बलिदान का प्रतीक है तथा प्रेम, भाईचारे और सामाजिक सद्भाव का संदेश देता है. राष्ट्रपति ने कहा, यह त्योहार हमें मानवता की नि:स्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करता है. मुर्मू ने कहा, इस अवसर पर, आइए हम अपने राष्ट्र के विकास और कल्याण के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लें. राष्ट्रपति भवन के एक संदेश में कहा गया है कि ईद-उल-अजहा के अवसर पर राष्ट्रपति ने सभी देशवासियों और विदेशों में रहने वाले भारतीयों, विशेष रूप से मुस्लिम भाइयों और बहनों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दी हैं.

हज यात्रियों ने अदा कीं हज की अंतिम रस्में

सऊदी अरब में रविवार को भीषण गर्मी के बीच बड़ी संख्या में हज यात्रियों ने शैतान को प्रतीकात्मक रूप से पत्थर मारने की रस्म अदा की. जॉर्डन की सरकारी समाचार एजेंसी ‘पेट्रा’ के अनुसार, हज यात्रा के दौरान जॉर्डन के 14 श्रद्धालुओं की लू लगने से मृत्यु हो गई है. विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि वह सऊदी अरब में मृतकों को दफनाने या शव को जॉर्डन भेजने के लिए सऊदी अधिकारियों के साथ बातचीत कर रहा है. शैतान को प्रतीकात्मक रूप से पत्थर मारने की रस्म हज यात्रा के अंतिम दिनों में विश्वभर के मुस्लिमों के लिए ईद- उल-अजहा की शुरुआत का प्रतीक है. शैतान को पत्थर मारना इस्लाम के पांच स्तंभों और हज की अंतिम रस्मों में से एक है. यह रस्म पवित्र शहर मक्का के बाहर अराफात की पहाड़ी पर 18 लाख से अधिक हज यात्रियों के एकत्र होने के एक दिन बाद हुई, जहां हज यात्री हज की वार्षिक पांच दिवसीय रस्में पूरी करने आते हैं.

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लेखक के बारे में

By Arbindkumar mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials)

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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