School Reopen Guidelines: स्कूल खुलने पर नो सोशल डिस्टेंसिंग, पढ़ें नयी गाइडलाइंस...

School Reopen Guidelines: शिक्षा मंत्रालय के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग को अब फिजिकल डिस्टेंसिंग कहा जायेगा. किसी भी तरह के इवेंट खेल, प्रतियोगिता, सभा में राज्यों के एसओपी के अनुसार ही आयोजन किया जायेगा.

School Reopen Guidelines: कोरोना वायरस की तीसरी लहर के बाद स्कूल खोलने को लेकर शिक्षा मंत्रालय ने नयी गाइडलाइन जारी की है, जिसके अनुसार राज्यों को यह अधिकार दिया गया है कि वे चाहें तो बच्चों के अभिभावकों से सहमति पत्र लें या ना लें.

स्कूलों में ग्रुप एक्टिविटी एसओपी के अनुसार होंगे

शिक्षा मंत्रालय ने कहा है कि स्कूलों में ग्रुप एक्टिविटी एसओपी के अनुसार ही किये जायेंगे. शिक्षा मंत्रालय के अनुसार सोशल डिस्टेंसिंग को अब फिजिकल डिस्टेंसिंग कहा जायेगा. किसी भी तरह के इवेंट खेल, प्रतियोगिता, सभा में राज्यों के एसओपी के अनुसार ही आयोजन किया जायेगा.


11 राज्यों में स्कूल खुले

शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि 11 राज्यों में स्कूल पूरी तरह खुल गये हैं जबकि नौ राज्यों में स्कूल अभी बंद हैं. बंगाल में तीन फरवरी से बड़े बच्चों के लिए स्कूल खोल दिया गया है. वहीं झारखंड में सोमवार सात फरवरी से स्कूल खोले जा रहे हैं.

कोरोना की तीसरी लहर बहुत खतरनाक नहीं

आज स्वास्थ्य मंत्रालय की बैठक में शिक्षा मंत्रालय की ओर से नयी गाइडलाइन जारी किये जाने की सूचना दी गयी. प्रेस काॅन्फ्रेंस में स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से यह कहा गया कि वर्तमान डेटा यह साबित करता है कि कोरोना की तीसरी लहर का संक्रमण बहुत खतरनाक नहीं है. इस लहर में मामले की गंभीरता कम दिखी और अस्पताल में भरती होने वाले मरीजों की संख्या भी कम थी और मौत भी कम हुआ.

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कोरोना संक्रमण दर में गिरावट

देश में मामले घटे हैं और पाॅजिटिविटी रेट भी काफी कम हुआ है. कोरोना वायरस से निपटने के लिए 16 राज्यों में वैक्सीनेशन की सिंगल डोज 100 प्रतिशत दी जा चुकी है. स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी कि कोविड-19 के उपचाराधीन मामलों, दैनिक संक्रमण दर में लगातार गिरावट संक्रमण के प्रसार में कमी का संकेत देती है. सरकार ने कहा कि औसतन 44 वर्ष आयु वाले लोग पिछली लहरों की तुलना में कोविड-19 की इस लहर में अधिक संक्रमित हुए और पिछली बार यह औसत आयु 55 वर्ष थी. इस लहर में, रोगियों में गले में खराश अधिक देखी गई और इलाज के लिए दवाओं का इस्तेमाल काफी कम हुआ.

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